ज़ीरकपुर। शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक पर आखिरकार प्रशासन की नींद टूट गई है। करीब पांच माह से बंद पड़े डॉग पाउंड के कारण कॉलोनियों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर कुत्तों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं। इससे बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों में दहशत का माहौल है। इस अवधि में 200 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, इसमें कुत्तों के काटने, रात के समय हमलों और स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे शामिल थे। लगातार बढ़ते दबाव के बाद अब प्रशासन हरकत में आया है।
एक सप्ताह पूर्व नगर परिषद जीरकपुर के कार्यकारी अधिकारी परविंदर सिंह भट्टी ने डॉग पाउंड का दौरा कर अधिकारियों को शीघ्र नसबंदी अभियान शुरू करने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे पाउंड का औचक निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण टीम में पशु चिकित्सक डॉ. दविंदर सिंह, डॉ. रिया, इंस्पेक्टर रणजीत सिंह तथा कावा संस्था से जुड़े प्रदीप बजाज शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान पाउंड में कई मूलभूत कमियां उजागर हुईं।
चिकित्सकों ने बताया कि परिसर में डॉक्टरों के लिए अलग वॉशरूम तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कुत्तों के भोजन की समुचित व्यवस्था के लिए किचन या शेड का अभाव है, जबकि साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित किए जाने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन कमियों को शीघ्र दूर कर दिया जाए तो पाउंड को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकता है।