जीरकपुर-मोहाली। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) और पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर दवा विक्रेता 20 मई को देशभर में राष्ट्रव्यापी बंद रखेंगे। इस बंद का असर मोहाली के जीरकपुर समेत सभी कस्बों में देखने को मिलेगा। इस वजह शहर की सभी मेडिकल की दुकानें बंद रहेंगी। जीरकपुर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष पुनीत कुमार और महासचिव राजीव चाटली ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ई-फार्मेसी व्यवस्था जन स्वास्थ्य और रोगी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। उनका कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री के कारण फर्जी और असत्यापित पर्चों पर दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। इसके अलावा नशीली दवाओं और एंटीबायोटिक्स तक आसान पहुंच से इनके दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फार्मासिस्ट और मरीज के बीच सीधा संवाद समाप्त हो जाता है। इससे गलत दवा मिलने और नकली अथवा अशुद्ध दवाइयों के बाजार में आने का खतरा बढ़ सकता है।
छोटे केमिस्टों के अस्तित्व पर मंडरा रहा संकट
पुनीत कुमार और राजीव चाटली ने आरोप लगाया कि बड़े कॉर्पोरेट घराने भारी छूट और अनियमित प्राइसिंग के जरिए बाजार व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं। इससे छोटे दवा विक्रेताओं के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि देशभर में करोड़ों लोगों की आजीविका इस कारोबार से जुड़ी हुई है, जिस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ये हैं प्रमुख मांगें
एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से अधिसूचना जीएसआर 220(ई) और जीएसआर 817(ई) को तुरंत वापस लेने और अवैध ई-फार्मेसी पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दवा कोई सामान्य वस्तु नहीं, बल्कि मरीज की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा विषय है। जीरकपुर केमिस्ट एसोसिएशन ने सभी दवा विक्रेताओं से बंद को सफल बनाने की अपील की है।