मोहाली। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर बुधवार को जिलेभर में दवा की दुकानें बंद रहेगीं। जिला केमिस्ट्स एसोसिएशन ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री और नकली दवाइयों के विरोध में फेज-7/8 लाइट पॉइंट पर प्रदर्शन करेगी। एसोसिएशन के प्रधान अमरदीप सिंह और महासचिव विक्रमजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री से मरीजों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। बिना उचित निगरानी के दवाइयों की बिक्री लोगों की सेहत के लिए खतरा बन सकती है। इसके अलावा बाजार में नकली और मिलावटी दवाइयों का कारोबार भी लगातार बढ़ रहा है। इस पर रोक लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केमिस्ट लंबे समय से सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण और नकली दवाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। एसोसिएशन के अनुसार बुधवार को सुबह फेज-7/8 लाइट प्वाइंट में जिलेभर के दवा विक्रेता एकत्रित होंगे। इस दौरान प्रदर्शन कर अपनी मांगों को उठाया जाएगा।
जीरकपुर में भी बंद रहेंगे मेडिकल स्टोर
जीरकपुर। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) और पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जीरकपुर में भी दवा की दुकानें बंद रहेंगीं। जीरकपुर केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष पुनीत कुमार और महासचिव राजीव चाटली ने संयुक्त रूप से बताया कि ई-फार्मेसी व्यवस्था जन स्वास्थ्य और रोगी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। उनका कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री के कारण फर्जी और असत्यापित पर्चों पर दवाइयां आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। इसके अलावा नशीली दवाओं और एंटीबायोटिक्स तक आसान पहुंच से इनके दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फार्मासिस्ट और मरीज के बीच सीधा संवाद समाप्त हो जाता है। इससे गलत दवा मिलने और नकली अथवा अशुद्ध दवाइयों के बाजार में आने का खतरा बढ़ सकता है। पुनीत कुमार और राजीव चाटली ने आरोप लगाया कि बड़े कॉर्पोरेट घराने भारी छूट और अनियमित प्राइसिंग के जरिए बाजार व्यवस्था को बिगाड़ रहे हैं। इससे छोटे दवा विक्रेताओं के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि देशभर में करोड़ों लोगों की आजीविका इस कारोबार से जुड़ी हुई है, जिस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ये हैं प्रमुख मांगें
एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से अधिसूचना जीएसआर 220(ई) और जीएसआर 817(ई) को तुरंत वापस लेने और अवैध ई-फार्मेसी पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दवा कोई सामान्य वस्तु नहीं, बल्कि मरीज की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा विषय है। जीरकपुर केमिस्ट एसोसिएशन ने सभी दवा विक्रेताओं से बंद को सफल बनाने की अपील की है।