कोरोना के बढ़ रहे संक्रमण के बीच सेहत विभाग ने बड़ी लापरवाही कर दी। कोरोना पीड़ित एक व्यक्ति के शव को दफनाने के बाद पीपीई किट खुले में फेंक दीं। इससे लोग दहशत में हैं। उन्हें संक्रमण का डर सता रहा है। शिकायत मिलने पर एसडीएम कुलदीप बावा का कहना है कि इस लापरवाही की जांच की जाएगी।
जानकारी के अनुसार गांव जवाहरपुर में 48 वर्षीय दुकानदार की पीजीआई में कोरोना से मौत हो गई थी। उसका शव दफनाने के लिए पीजीआई से विशेष टीम यहां पहुंची थी। स्थानीय सेहत विभाग व नगर काउंसिल की टीम ने उन्हें सहयोग दिया। टीम में शामिल सदस्यों ने पीपीई किट पहनी हुई थी।
डीएवी स्कूल के पास स्थित कब्रिस्तान में शव को दफनाया गया। इसके बाद टीम ने अपनी पीपीई किट भी उतारकर कब्रिस्तान में ही एक बैग में रखकर खुले में फेंक दीं। अब इस खुले बैग से पीपीई किट आधी बाहर निकली पड़ी हैं। मुस्लिम समाज के लोगों ने देखा तो इस पर आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि दीवार के साथ यह किट पड़ी हैं। इधर से लोग भी गुजरते हैं, ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा है। यह गंभीर लापरवाही है। लोगों की जान को खतरे में डाला गया है। कई और लोग कोरोना की चपेट में आ सकते हैं।
चंडीगढ़ से आई थी टीम, हम हटवा देंगे पीपीई किट
सिविल अस्पताल की एसएमओ डॉ. संगीता जैन ने कहा कि मृतक को दफनाने के लिए चंडीगढ़ पीजीआई से टीम आई थी। जल्द ही पीपीई किटों को वहां से हटवा दिया जाएगा।