मोहाली। पंजाब पुलिस ने वीरवार को जिले के गन हाउसों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। मोहाली सहित जीरकपुर, खरड़, डेराबस्सी के 12 गन हाउसों की जांच की गई। इस दौरान गन हाउसों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गई। पुलिस का कहना है कि हथियार केवल उन्हीं लोगों को उपलब्ध कराए जाएं, जिनके पास वैध दस्तावेज और सक्रिय लाइसेंस हैं। चेकिंग के दौरान सामने आया कि कई लोगों ने अपने हथियार लंबे समय से गन हाउस में जमा करवा रखे हैं।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डोप टेस्ट की अनिवार्यता के कारण कुछ लाइसेंस धारकों ने यह कदम उठाया है। दरअसल, डोप टेस्ट में फेल होने पर हथियार का लाइसेंस जारी या नवीनीकृत नहीं किया जाता। ऐसे में कई लोगों ने लाइसेंस रिन्युअल से बचने के लिए हथियार जमा करवा दिए। डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि सुबह ही अभियान शुरु कर दिया था और हर दस्तावेज की जांच की गई। कई मामलों में लाइसेंस एक्सपायर मिले हैं। ऐसे सभी मामलों का रिकॉर्ड एकत्र किया गया है। संबंधित लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि डोप टेस्ट पास करना अब अनिवार्य है। बिना इसके लाइसेंस न तो जारी होगा और न ही नवीनीकरण किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पंजाब पुलिस पहले ही राज्यभर में हथियार लाइसेंस को लेकर सख्ती बरत रही है। करीब सात हजार लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। नए लाइसेंस जारी करने के लिए भी कड़े मानक लागू किए गए हैं। डीएसपी स्तर की कमेटी यह सत्यापित करती है कि आवेदक को वास्तव में हथियार की आवश्यकता है या नहीं। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि अवैध और गैर-जरूरी हथियारों पर नियंत्रण रखा जा सके।