मोहाली। अदालत में दो नाबालिगों के खिलाफ चल रहे मुकदमे को रद्द कर दिया है। अदालत ने इसकी वजह चार माह से पुलिस द्वारा चालान पेश नहीं करना बताया है। नाबालिगों के वकील ने दलील दी है कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट-2015 की धारा 14 (4) के तहत यदि किसी मामले में चार माह के भीतर चालान जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में दाखिल नहीं किया जाता है, तो उस नाबालिग के खिलाफ कार्रवाई को समाप्त किया जा सकता है।अदालत ने देखा कि मोहाली के फेज-11 थाने में मुकदमा 2021 में दर्ज हुआ था। इसमें दोनों आरोपियों के खिलाफ बहुत ही छोटी धाराओं में मुकदमा दर्ज था, लेकिन इसमें पुलिस की तरफ से चालान पेश नहीं किया गया। इस कारण अदालत ने आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी। साथ ही मामला रद्द कर दिया।
यह था मामला
पंजाब पुलिस में कार्यरत इंस्पेक्टर जसवीर सिंह की तरफ से पुलिस को शिकायत दी गई थी कि तीन जुलाई 2021 को शनिवार के दिन वह छुट्टी पर अपने घर पर बैठे थे। उन्हें फेज-10 स्थित अपने घर के बगल के पार्क से कुछ टूटने की आवाज सुनाई दी थी। इसके बाद वह जब निकल कर बाहर गए तो उन्होंने देखा कि दो युवक पार्क में लगी पानी की पाइप चोरी कर रहे हैं। इंस्पेक्टर की शिकायत पर पुलिस ने दो युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बाद में सीसीटीवी कैमरे की मदद से दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया था।