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दस गांवों के लोगों को नहीं दिया सीधा रास्ता, आज रुकवाएंगे फ्लाईओवर का काम

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दस गांवों के लोगों को नहीं दिया सीधा रास्ता, आज रुकवाएंगे फ्लाईओवर का काम
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क्रासर - खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर खरड़ की ओर जाने का रास्ता नहीं देने पर ग्रामीणों ने किया फैसला
खास बात
हाईवे से गांवों के लिए रास्ता देने को लंबे समय से लोग करते आ रहे संघर्ष
माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर बनाए जा रहे फ्लाईओवर पर एतिहासिक गांव दाऊं समेत कई गांवों को अभी तक खरड़ जाने के लिए रास्ता तक नहीं दिया गया। अपने गांवों को सीधा रास्ता दिए जाने के लिए दस गांव के लोग लंबे समय से संघर्ष करते आ रहे हैं। लेकिन फ्लाईओवर का काम अब आखिरी चरण में है, लेकिन गांव वालों ने शनिवार को सुबह 11 बजे फ्लाईओवर का काम बंद करवाने का फैसला लिया है।
इस संबंधी सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। संघर्ष पर चल रहे लोगों का कहना है कि उनका संघर्ष केवल अपने हक के लिए हैं। उन्होंने इससे पहले अल्टीमेटम तक दिया था। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने अब यह फैसला लिया है।
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मिली जानकारी के मुताबिक एतिहासिक गांव दाऊं समेत दस गांव और रिहायशी सोसाइटी के लोग फ्लाईओवर की वजह से दिक्कत में आ गए हैं। क्योंकि उक्त प्वाइंट पर फ्लाईओवर का काम आखिरी चरण में पहुंच गया। लेकिन हाईवे पर अभी तक गांव खरड़ की ओर जाने के लिए रास्ता नहीं दिया गया है। जबकि गांव दाऊं एक एतिहासिक गांव है। जहां पर हर रविवार और माघी पर बड़ा मेला लगता है। जिसमें काफी संख्या में बाहरी राज्यों से लोग आते हैं। इसके अलावा गांव के पिछली और दर्जनों कॉलोनियां और गांव हैं। जहां पर एक लाख लोगों का आन-जाना लगा रहता है। जहां पर हर समय लोगों को आना जाना लगा रहता है।
इस कारण ट्रैफिक व्यवस्था को सुुचारू तरीके से चलाने के लिए जरूरी है। इतना ही नहीं इस वजह से लोगों को घूमकर आना पड़ रहा है। इससे भी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। गांव दाऊं, बल्लोमाजरा, तड़ौली, बड़माजरा, रायपुर, झामपुर, मनाणां, हुसैनपुर, ठस्का बहलोलपुर गांव के लोग दिक्कत में हैं। जिसके चलते अब लोगों ने संघर्ष की राह पर जाने का फैसला किया है।
नहीं मिला रास्ता ग्रामीण रूठे, नेताओं के दावे निकले झूठे
इस मौके पर पंचायत और मुलाजिम जत्थेबंदियों ने एक साझे बयान में कहा है कि बीजेपी, अकाली, कांग्रेसी नेता और जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को धोखे में रखा है। नेताओं के दावे भी झूठे निकले हैं। इस फ्लाईओवर के नीचे दिए जाने वाले रास्ते के बीजेपी स्टेट सचिव अरविंद मित्तल और पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने लोगों को विश्वास दिलाया था कि बनाए जा रहे फ्लाईओवर के नीचे से लोगों को रास्ता दिलाया जाएगा। इस दौरान चंदूमाजरा ने एक जनसभा को संबोधित भी किया था। जिसका वीडियो वायरल हुआ था। इतना ही नहीं सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू ने भी दावा किया था कि पुल के नीचे से रास्ता दिया जाएगा। इस संबंधी प्रशासन के अधिकारियों से बैठक भी की गई थी। लेकिन अभी तक यह काम सिरे नहीं चढ़ पाया है।
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मुख्यमंत्री के आदेश भी उड़े हवा में
फ्लाईओवर के नजदीकी गांवों के लोगों ने कहा है कि अब पुल का काम आखिरी चरण में पहुंच गया। जब उन्होंने कंपनी वालों से संपर्क किया तो उनसे जवाब मिला कि उन्हें इस संबंध में कोई दिशा निर्देश नहीं मिले। दूसरी तरफ इस मामले को सहजधारी पार्टी के प्रधान डॉ. परमजीत सिंह राणूं की ओर से इस संबंध में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखा था। इस पत्र के जवाब में मुख्यमंत्री ने गांव को रास्ता दिलवाने का वायदा किया था। उन्होंने कहा था कि अधिकारियों को आदेश दे दिए गए हैंख् लेकिन उनके आदेश भी हवा में उड़ गए हैं।
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