जीरकपुर। बलटाना क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सुखना चो इन दिनों प्रदूषण का शिकार बन रही है। कुछ लोग इसमें खुलेआम कूड़ा फेंक रहे हैं और रात के समय कूड़े को आग लगा देते हैं, जिससे आसपास का माहौल धुएं से दूषित हो रहा है। यह कूड़ा आगे चलकर घग्गर नदी में मिलता है। इस कारण जल प्रदूषण का खतरा और बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या उस समय शुरू हुई जब कुछ महीने पहले स्कूल के पास बने अवैध डंपिंग ग्राउंड को हटाया गया था। उस स्थान पर वर्षों से लोग कूड़ा डालते थे, लेकिन सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और टेंडर प्रक्रिया में देरी के चलते तीन दिन तक कूड़ा नहीं उठाया गया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि रास्ता तक बंद हो गया और लोगों को रोष प्रदर्शन करना पड़ा।
प्रदर्शन के बाद नगर परिषद ने डंपिंग साइट को सुखना चो के उस पार स्थानांतरित कर दिया, लेकिन वह दूर होने के कारण कुछ लोगों ने आलस में फिर से चो में ही कूड़ा डालना शुरू कर दिया। अब हालत यह है कि हर रात कोई न कोई कूड़े में आग लगा देता है, जिससे बदबू और धुआं आसपास के इलाकों में फैल रहा है।
गांव के निवासी कर्म सिंह, राम कुमार, नरेश सिंह, केशव यादव, राजीव कुमार, सुरजीत सिंह, कमाल यादव और त्रिदेव कुमार ने बताया कि कुछ लोग ही ऐसे हैं जो यहां कूड़ा गिरा रहे हैं। बाकी अधिकांश लोग तय डंपिंग ग्राउंड पर ही कूड़ा डालते हैं। उन्होंने मांग की कि प्रशासन ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करे और नगर परिषद स्थायी कचरा प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करे।
वर्जन
सुखना चो में कूड़ा गिराना और उसे आग लगाना गलत है। मैं टीम भेजकर जांच करवाऊंगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन और जुर्माना लगाया जाएगा।
-रंजीत कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर