यूक्रेन के शहर खारकिव में एमबीबीएस कर रहे लालड़ू निवासी छात्र विनय गौड़ ने फोन पर अपने अभिभावकों को जानकारी दी है कि पिछले दो दिन से चारों ओर बम धमाकों की आवाज से हर तरफ डर और दहशत का माहौल है। इससे उसके अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। भारतीय मेडिकल छात्रों सहित स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में मैट्रो बंकर में शरण ले रखी है। किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। युद्ध के हालातों के बीच अभिभावक चाहकर भी बच्चों को इसलिए नहीं बुला पाए, क्योंकि कई गुणा दामों पर हवाई टिकट लेने पर भी हवाई जहाज में जगह नहीं मिल रही है। अभिभावक परिजन सरकार से बच्चों की सकुशल वापसी की गुहार लगा रहे हैं। विनय के पिता मनोज कुमार, दादा डाक्टर पवन कुमार और दादी सरोज बाला ने बताया कि उनका बेटा यूक्रेन में एमबीबीएस का दूसरे वर्ष का छात्र है। बुधवार तक ऑनलाइन क्लास चल रही थी। मैट्रो बंकर में भारतीय मेडिकल छात्रों सहित काफी संख्या में स्थानीय निवासी भी मौजूद हैं। विनय ने बताया कि वे चार-पांच दिन का राशन-पानी लेकर बंकर में गए हैं। दुकानों और एटीएम पर लोगों की लंबी-लंबी कतार लगी हुई हैं। अभिभावकों ने बताया कि दिनरात बेटे की चिंता सता रही है। परिवार के सदस्य टीवी पर चिपके रहते हैं और खबरें देखते रहते हैं। हर घंटे बाद मोबाइल और व्हाट्एप पर विनय से बात होती है और सलामती पूछते हैं।