मोहाली। शहर में चल रही कूड़े के निस्तारण को लेकर स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। इस समस्या के हल को लेकर नगर निगम पूरी तरह से फेल साबित हो गया है। अब शहर की आरडब्ल्यूए भी इस समस्या से पूरी तरह से तंग आ चुकी है। आरडब्ल्यूए की सामूहिक संस्था कन्फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट्स ने कड़ा रुख अपनाते हुए मेयर को इस मुद्दे पर विशेष बैठक बुलाने का मांग पत्र सौंपा है। कन्फेडरेशन के अध्यक्ष केके सैनी ने यह पत्र शहर के बढ़ते असंतोष को देखते हुए लिखा है। उनका कहना है कि कूड़े की समस्या केवल सफाई की नहीं, बल्कि अब जनस्वास्थ्य और पर्यावरण की बड़ी चुनौती बन चुकी है। इसे लेकर पिछले एक साल से मोहाली के अलग-अलग सेक्टरों में रहने वाले लोग आवाज उठा रहे हैं।
अब तक सिर्फ वादे, नतीजा कुछ नहीं
केके सैनी ने बताया कि इस मुद्दे को कई बार जिला प्रशासन, गमाडा, निगम, स्थानीय विधायक, सांसद और यहां तक कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के समक्ष भी उठाया जा चुका है। इसके बावजूद कोई ठोस समाधान अब तक नहीं निकला है। पहले भी फेडरेशन की तरफ से लिखित रूप में विशेष बैठक की मांग की गई थी, लेकिन अभी तक ऐसी कोई बैठक नहीं बुलाई गई है।
मुख्यमंत्री को भेजे जाएं दस्तावेज़, बने टास्क फोर्स
फेडरेशन की मांग है कि विशेष हाउस में अब तक हुए सर्वेक्षण, अधिकारियों के दौरे और तैयार की गई रिपोर्टों को काउंसलर्स के सामने पेश किया जाए और इस पूरी जानकारी को मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी जाए, ताकि एक टास्क फोर्स कमेटी का गठन किया जा सके जो इस समस्या का स्थाई हल निकाले।
नागरिकों में नाराजगी, ठोस कार्रवाई की मांग
कई सेक्टरों और हाउसिंग सोसाइटियों में समय पर कूड़ा न उठने, बदबू और जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों को लेकर लोग लगातार सोशल मीडिया से लेकर जन प्रतिनिधियों तक गुहार लगा रहे हैं। अब फेडरेशन की तरफ से इस मुद्दे पर संविधानिक कार्रवाई की मांग के साथ नगर निगम को कटघरे में खड़ा किया गया है।
शहर में कूड़े की समस्या के हल के लिए प्रयास किए जा रहे है। ठेकेदार को भी काम में तेजी लाने को कह दिया गया है। - परमिंदर पाल सिंह, निगम कमिश्नर