मोहाली। बलौंगी में टूटी सड़कों, दूषित पानी, नाले जैसी बदबू मारती नदी और लगातार बढ़ती गंदगी ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। शिव मंदिर से लेकर पुलिस चौकी तक की सड़कें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि बारिश के दिनों में पैदल चलना भी चुनौती बन जाता है। इलाके के हजारों मजदूर, जो रोजाना फैक्ट्रियों और संस्थानों में काम पर जाते हैं, कीचड़ और टूटे पुलों से होकर निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी बताते हैं कि जैसे ही बारिश होती है, यह इलाका जलभराव और फिसलन का क्षेत्र बन जाता है।
यहां पीने के पानी की भी भारी किल्लत है। कई बार दो-दो दिन तक पानी की सप्लाई बंद रहती है। वहीं पटियाला की राव नदी अब गंदे नाले में तब्दील हो चुकी है। नदी से उठती बदबू से सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। इन हालातों का सबसे बुरा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो झुग्गी-बस्तियों में रहते हैं, जिनकी जिंदगी पहले ही सीमित साधनों के सहारे चल रही है।
डिप्टी मेयर ने हालात का लिया जायजा
इस बदहाली को लेकर नगर निगम के डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने बलौंगी का दौरा किया। उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता गुरमीत सिंह सियाण भी मौजूद रहे। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें सड़क, पानी और नदी की बदहाली से जुड़ी अपनी परेशानियां गिनाईं। डिप्टी मेयर ने माना कि इलाके की हालात बेहद खराब हैं। यहां न सड़कें सही हैं, न हवा साफ है। यह अपने आप में एक संकट है। डिप्टी मेयर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने डिप्टी कमिश्नर, सिंचाई विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से राव नदी की सफाई और पानी की सप्लाई को नियमित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पंचायत, सिंचाई और प्रदूषण विभाग को मिलकर जल्दी कोई ठोस कदम उठाना होगा। इस मौके पर प्रेम श्रीवास्तव, लाल बहादुर, मनोहर, वरिंदर शर्मा, जब्बार और जनार्दन शर्मा समेत कई स्थानीय निवासी भी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में प्रशासन से मांग की कि उनकी मूलभूत ज़रूरतों को प्राथमिकता दी जाए।