मोहाली। नगर निगम मोहाली की सीमा बढ़ाने के लिए जारी की गई हालिया नोटिफिकेशन को लेकर स्थानीय लोगों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। इस नोटिफिकेशन में बलौंगी को भी नगर निगम की सीमा में शामिल नहीं किया गया है। इससे यहां के निवासियों में निराशा और रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं हुआ, तो वह सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। वीरवार को बलौंगी गांव में सभी क्षेत्र के निवासियों ने मिलकर प्रेस कांफ्रेंस की। एकजुट संगठनों ने बलौंगी को निगम की हद में शामिल नहीं करने के फैसले की निंदा की। इसे आम आदमी के साथ धक्केशाही बताया गया। सोशल वर्कर बलविंदर सिंह सागर, समाजसेवी नरेश कुमार ने कहा कि बलौंगी में मध्यम और निम्न वर्ग के लोग रहते हैं। इसी एरिया को नगर निगम में शामिल न करना आम आदमी के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार कहती है कि बलौंगी विकसित क्षेत्र नहीं है, तो उन्हें बताना चाहते हैं बलौंगी में करीब पांच हजार घर हैं। 1300 के करीब दुकानें, होटल और अन्य कॉमर्शियल साइट्स हैं। इतना ही नहीं बलौंगी में हाई स्कूल, क्लीनिक, नर्सिंग कॉलेज के अलावा नौ प्राइवेट स्कूल हैं। नेशी ने कहा कि अगर लोगों को टैक्स से बचाने की बात को आधार बनाया जा रहा है तो यह भी बताना जरूरी है कि बलौंगी के 60 फीसदी लोग वैसे ही टैक्स से छूट के दायरे में आते हैं क्योंकि उनके घर 125 गज से नीचे के हैं। उन्होंने कहा कि बलौंगी में बहु कीमती 65 से 70 एकड़ जमीन पड़ी है। इसे सरकार ईडब्ल्यूएस कोटे के मकान बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकती है। ऐसा तभी हो सकता है कि जब सरकार बलौंगी को निगम के दायरे में शामिल करे।
बलौंगी के साथ बड़माजरा, ग्रीन एनक्लेव, टीडीआई सिटी ने बनाई रणनीति
नगर निगम मोहाली की सीमा विस्तार नोटिफिकेशन से बलौंगी, बड़माजरा, ग्रीन एनक्लेव और टीडीआई सिटी को बाहर रखे जाने के फैसले के बाद इन इलाकों के निवासियों ने संयुक्त रूप से विरोध की रणनीति तैयार की है। स्थानीय प्रतिनिधियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों की बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी प्रभावित इलाकों के निवासी मिलकर प्रशासन के समक्ष ज्ञापन पेश करेंगे और यदि आवश्यक हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन भी शुरू किया जाएगा। निवासियों का कहना है कि इन क्षेत्रों का विकास नगर निगम क्षेत्र से सीधे जुड़ा है, ऐसे में इन्हें हदबंदी से बाहर रखना अनुचित और भेदभावपूर्ण निर्णय है।