मध्यम वर्गीय परिवारों से ताल्लुक रखने वाले दोनों युवाओं ने अपने सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत की है। सहज ने बताया कि असफलताएं हमें और बेहतर करने के लिए प्रेरित करती हैं, इनसे हार मान कर बैठने वालों के सपने कभी पूरे नहीं होते। प्रीतइंदर पाल सिंह बाठ अब भारतीय वायुसेना की फाइटर विंग का हिस्सा होंगे और सहज शर्मा वायुसेना की हेलीकॉप्टर विंग मेें हिस्सा बनेंगे।
बाठ ने 2017 में पास किया एनडीए
प्रीतइंदर सिंह बाठ ने बताया कि उनका परिवार पठानकोट से है, वहीं 10वीं तक की पढ़ाई उन्होंने की। इसके बाद 2015 में उन्होंने मोहाली के महाराजा रणजीत सिंह एएफपीआई से प्रशिक्षण लेना शुरू किया।
2017 में उन्होंने एनडीए की परीक्षा पास की। उनके परिवार से कोई सेना में नहीं था, कई लोगों ने मार्गदर्शन किया। बचपन में जब पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरने वाले लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट सुनता तो मन चाहता था कि उनके साथ उड़ूं, तभी ठान लिया था कि एक दिन मैं भी फाइटर पायलट बनूंगा। उन्होंने कहा कि मेरी सफलता के पीछे मेरे पिता का खास योगदान है।