मोहाली। कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के करीब दो साल बाद दशहरा समारोह जिले के विभिन्न स्थानों पर पूरी श्रद्घा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कई जगह दशहरा कमेटियों ने रावण के कुनबे के पुतलों के साथ कोरोना का भी पुतला फूंका। इसके साथ ही लोगों की ओर से भगवान श्रीराम से प्रार्थना की गई कि वह जल्द ही पूरी दुनिया को कोरोना से मुक्त करें। इस अवसर पर दशहरा समारोह देखने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे और जहां लोगों को जगह मिली उन्होंने वहीं से दशहरा समारोह देखा। हालांकि इस समारोह के दौरान कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन हुआ है। इस अवसर पर पुलिस की ओर से पुख्ता प्रबंध किए गए थे। हालांकि कुछ कमेटियों के पास इस संबंधी अनुमति पत्र तक नहीं थे।
सेक्टर-70 में ओपन जीप में पहुंची रावण की सेना
सेक्टर-70 में दशहरा मेले का आयोजन दशहरा कमेटी के प्रमुख परमदीप सिंह बैदवान की देखरेख में किया गया। इसमें रावण कुंभकरण और मेघनाद के पुतले फूंके गए। दशहरा मेले में सबसे मजेदार बात यह रही कि श्रीराम सेना और रावण सेना इलाके का भ्रमण करके खुली जीपों में पंडाल में पहुंची जो कि मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इस मौके पर रामलीला का आयोजन भी किया गया। यहां बतौर मुख्य मेहमान पूर्व मेयर एवं आजाद ग्रुप के प्रमुख कुलवंत सिंह ने शिरकत की। उन्होंने रावण के पुतले को कमेटी के सदस्यों और कलाकारों के साथ मिलकर आग लगाई। कुंभकरण के पुतले को जरनैल सिंह बाजवा और मेघनाद के पुतले को पार्षद प्रमोद मितरा, डीएसपी जेपी सिंह और अन्य ने मिलकर आग लगाई। वहीं, लंका को आग समाजसेवी सुंदरलाल अग्रवाल की ओर से लगाई गई।
फेज-8 में पुतला फूंकने से पहले की पूजा
फेज-8 स्थित दशहरा कमेटी की ओर से भी साधारण तरीके से दशहरा समारोह मनाया गया। इस मौके पर कमेटी के प्रधान मधु भूषण की अगुवाई में कमेटी के सदस्यों ने पहले पूजा की। इसके बाद रावण, कुंभकरण और मेघनाद के तैयार किए गए 10 फुट के पुतलों को आग लगाई। साथ ही इस दौरान कोरोना का पुतला भी फूंका गया। इस मौके पर मदन गौतम, नरेश कांसल, अनुराग अग्रवाल, राम कुमार शाहीमाजरा आदि मौजूद रहे।
फेज-1 में दिया सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का संदेश
फेज-1 में अंकुश क्लब की ओर से भी दशहरा मनाया गया। इस मौके पर ब्राह्मण भलाई बोर्ड के चेयरमैन शेखर शुक्ला मुख्य मेहमान थे। इस मौके पर क्लब के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसके बाद सबसे पहले कुंभकरण, मेघनाद के पुतले को आग लगाई गई। इसके आखिर में रावण के कुनबे के प्रतीकात्मक बनाए गए पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने का संदेश दिया गया।
बलौंगी में राम-रावण की सेना में हुआ युद्घ
गांव बलौंगी में भी दशहरा धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर एक ओर रावण, कुंभकरण और मेघनाद और दूसरी ओर श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की सेना में जमकर युद्घ हुआ। इसके बाद यहां पर खड़े किए गए पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान काफी संख्या में लोग दशहरा देखने के लिए पहुंचे थे। समारोह खत्म होने के बाद सड़कों पर कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
खरड़ में आतिशबाजी रही खास
खरड़ में दशहरा समारोह पूरी श्रद्घा से मनाया गया। इस दौरान काफी संख्या में लोग दशहरा देखने के लिए पहुंचे हुए थे। यहां पर झांकियां निकाली गई और इसके बाद जमकर खास आतिशबाजी की गई और फिर रावण के कुनबे का दहन किया गया। खास बात यह थी कि इस दौरान लोगों ने इन सभी दृश्यों को अपने मोबाइल और कैमरों में कैद किया। इस मौके पर केवल पुतले और लोगों की मोबाइल स्क्रीन नजर आ रही थी। मोबाइल ऐसे लग रहे थे मानों यहां पर सितारे चमक रहे हों।
मुल्लांपुर में भी रही दशहरा समारोह की धूम
मुल्लांपुर में भी दशहरा समारोह बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान रामलीला क्लब की ओर से उचित प्रबंध किए गए थे। इस मौके पर रावण के पुतले की ऊंचाई 60 फुट, कुंभकर्ण 50 फुट और मेघनाद के पुतले की ऊंचाई 55 फुट थी। इस समारोह में बतौर मुख्य मेहमान सांसद मनीष तिवारी ने शिरकत की थी। उन्होंने आयोजक क्लब को तीन लाख रुपये की ग्रांट देने का एलान किया। इस अवसर पर डीएसपी विक्रमजीत सिंह बराड़ की अगुवाई में पुलिस बल तैनात रहा।