जीरकपुर। स्थानीय नगर परिषद की बिल्डिंग ब्रांच में कार्यरत अफसरों पर नक्शों की फाइल समय पर क्लीयर करने की आड़ में लाखों रुपये रिश्वत मांगने के आरोप लगने का मामला सामने आया हैं। रिश्वत न देने की सूरत में अफसरों की ओर से आर्किटेक्ट की फाइल में अनावश्यक ऐतराज लगाकर महीनों से रोककर चक्कर कटवाए जाते हैं। ये गंभीर आरोप आर्किटेक्ट नरिन्दर सिंह ने निकाय विभाग के अधिकारियों को भेजी लिखित शिकायत में लगाए हैं।
उनका कहना है कि उनकी ओर से जमा करवाई फाइल्स को अधिकारियों ने जानबूझकर ऐतराज लगाकर रोका है। अफसरों की ओर से लगाए ऐतराज को दूर करने के बावजूद 3 से 4 महीनों फाइल को मंजूरी नहीं दी जा रही। पंजाब निकाय विभाग के आलाधिकारियों को भेजी शिकायत में स्थानीय नगर परिषद की बिल्डिंग ब्रांच में कार्यरत जेई-कम-इंस्पेक्टर निर्दोष शर्मा, जेई-कम-इंस्पेक्टर लखबीर सिंह व ड्राफ्ट्समैन सुशील गोयल पर श्वित मांगने के आरोप लगाए हैं।
कोट्स
आर्किटेक्ट नरिन्दर सिंह की ओर से लगाए आरोप बेबुनियाद हैं, क्योंकि जो फाइलें उनकी ओर से जमा करवाई जाती हैं, उनमें अधिकतर केस अवैध कॉलोनियों से जुड़े होते हैं। अवैध कॉलोनियों के पुराने रिकॉर्ड को खंगालने में समय लगता है। दूसरी ओर, ऐसे में ऑटो जंप साफ्टवेयर फाइल को आगे ट्रांसफर कर देता है, जिसकी प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करना पड़ता है और फाइल क्लीयर होने में समस्या पैदा होती है।
-संदीप तिवाड़ी, ईओ-कम-इंचार्ज बिल्डिंग ब्रांच, जीरकपुर नगर परिषद
कोट्स
मामला मेरी जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा है तो सोमवार को ईओ से बैठक करके बिल्डिंग ब्रांच में कार्यरत जेई-कम-इंस्पेक्टर निर्दोष शर्मा, जेई-कम-इंस्पेक्टर लखबीर सिंह व ड्राफ्ट्समैन सुशील गोयल खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-उदयवीर सिंह ढिल्लों, प्रधान, जीरकपुर नगर परिषद