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Mohali News: अब सरकारी अस्पतालों में बाहर से नहीं खरीदनी पड़ेंगी दवा, सिविल सर्जन ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश

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मोहाली। अब जिले के सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को दवाइयों के लिए निजी मेडिकल स्टोर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सिविल सर्जन डॉ. संगीता जैन ने जिले के सभी सीनियर मेडिकल अधिकारियों और स्वास्थ्य कार्यक्रम अधिकारियों के साथ बैठक करके स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मरीजों को हर जरूरी दवा अस्पताल की फार्मेसी से ही उपलब्ध करवाई जाए। अगर किसी कारणवश कोई दवा स्टॉक में नहीं है, तो मरीज को उसे बाहर से खरीदने को न कहा जाए। इसकी जिम्मेदारी संस्था प्रमुख की होगी और दवा का खर्च भी वहीं वहन करेंगे।
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ओपीडी में सिर्फ जेनेरिक दवाएं ही लिखें डॉक्टर, ऑक्सीजन और बिजली आपूर्ति में ढिलाई न बरतें : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन ने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि ओपीडी पर्चियों पर केवल जेनेरिक दवाएं ही लिखी जाएं, ताकि मरीजों को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिल सके। पंजाब सरकार की ओर से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिनका सख्ती से पालन जरूरी है। उन्होंने अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन और बिजली आपूर्ति के इंतजामों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों में पावर बैकअप की सुविधा होनी चाहिए और उसके संचालन के लिए नियमित स्टाफ की ड्यूटी तय की जाए, ताकि आपात स्थिति में किसी भी तरह की दिक्कत न हो।



गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त सेवाएं और स्वच्छता-जागरूकता पर दिया विशेष जोर
सिविल सर्जन डॉ. जैन ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को जांच और इलाज की सेवाएं मुफ्त उपलब्ध करवाई जाएं। यह भी निर्देश दिए कि अल्ट्रासाउंड टेस्ट सिर्फ सरकारी अस्पतालों या सूचीबद्ध निजी सेंटरों में ही कराए जाएं ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी को अनावश्यक रूप से बाहर भेजने की नौबत न आए। स्वास्थ्य संस्थाओं में सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सिविल सर्जन ने कहा कि अस्पताल परिसर, खासतौर पर शौचालय, पूरी तरह स्वच्छ होने चाहिए ताकि मरीजों को एक साफ-सुथरा माहौल मिले। मौसमी बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के लक्षण, कारण, बचाव और इलाज को लेकर लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए, ताकि इन बीमारियों के मामले कम से कम सामने आएं।
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आयुष्मान आरोग्य केंद्र और अन्य योजनाओं की समीक्षा की
इस बैठक में जिले में चल रहे आयुष्मान आरोग्य केंद्रों की प्रगति, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गई। सिविल सर्जन ने अधिकारियों से कहा कि इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और किसी भी स्तर पर कोताही न हो। इस बैठक में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गिरीश डोगरा, जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. तमन्ना सहित जिले के सभी वरिष्ठ मेडिकल अधिकारी उपस्थित रहे।
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