मोहाली। जिले की सेहत संस्थाओं में मरीजों को दवाइयां न मिलने और बाजार से खरीदने के लिए मजबूर होने के मामले को जिला स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने, इससे निपटने के लिए सेहत विभाग ने डॉ. परमिंदर सिंह को नोडल अफसर नियुक्त किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तय किया गया है कि अगर किसी को सरकारी अस्पताल में दवाई नहीं मिलती है तो वह निर्धारित किए गए नोडल अफसर के फोन पर शिकायत दे सकता है। इसके बाद तय समय में शिकायत का निपटारा किया जा सकेगा।
सिविल सर्जन डॉ. आदर्शपाल कौर ने इसकी पुष्टि करते बताया कि सरकारी अस्पताल में दवाइयों से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए अधिकारी नियुक्त किया गया है। किसी भी मरीज को दवाइयों संबंधी कोई दिक्कत आती है तो डॉ. परमिंदर सिंह के मोबाइल नंबर 98141-67842 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। शिकायत का निपटारा तय समय में किया जाएगा।
अमर उजाला की ओर से 27 मई के अंक में मेडिकल कॉलेज में नहीं मिल रही दवा सरकारी मुफ्त योजना की निकली हवा शीर्षक से खबर छापी गई थी। इसमें बताया गया था कि जरूरतमंद मरीजों को वहां आकर किस प्रकार दवाइयां लेने के लिए मजबूर किया था। जैसे ही मामला सामने आया, उसके बाद डीसी अमित तलवार खुद हरकत में आ गए। उन्होंने सेहत विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में जवाब तलब किया था। इसके बाद सिविल सर्जन की ओर से अधिकारियों से मीटिंग की गई। साथ ही सभी सेहत अधिकारियों को हिदायत दी गई थी कि अस्पताल की फार्मेसी से मरीजों को दवाइयां मुहैया करवाई जाएं। किसी को भी बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए।
दवाइयों की कमी हो तो वेयर हाउस से मंगवाएं
स्वास्थ्य विभाग लोगों को गुणवत्ता वाली बेहतर सेहत सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है। अस्पताल में किसी भी मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकारी सेहत संस्थाओं में जरूरी और इमरजेंसी दवाइयों की कमी नहीं होनी चाहिए। अगर अस्पताल में दवाइयों की कमी होती है तो तुरंत वेयर हाउस से दवाइयां मंगवाई जाएं। मरीजों को बाहर से मिलने वाली दवाइयां न लिखी जाएं। - डॉ. आदर्शपाल कौर, सिविल सर्जन, मोहाली।