मोहाली। अब मोहाली के किडनी के मरीजों को अपने इलाज के लिए पीजीआई में नही जाना होगा। उनके लिए किडनी के इलाज का विकल्प अब मोहाली के सिविल अस्पताल में ही मिल जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंजाब के पहले नेफ्रोलॉजिस्ट की नियुक्ति मोहाली फेज-6 सिविल अस्पताल में कर दी गई है। किडनी मरीजों के लिए यह सूचना काफी महत्वपूर्ण है। सिविल अस्पताल में पेरिटोनियल डायलिसिस कैथेटर प्लेसमेंट की सुविधा शुरू की है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अंकुर चौधरी की नियुक्ति की गई है। डॉ. चौधरी ने पीजीआई चंडीगढ़ से नेफ्रोलॉजी में डीएम किया है और वर्तमान में सिविल अस्पताल, मोहाली में डायलिसिस यूनिट का संचालन कर रहे हैं। इसके साथ ही वह किडनी मरीजों की देखभाल कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि फरवरी के बीच माह में फेज-6 सिविल अस्पताल आए थे। तब से अब तक तीन सफल सर्जरी पूरी कर चुके हैं। इन प्रक्रियाओं से मरीजों को बहुत लाभ हो रहा है। इसके लिए पहले मरीजों को पीजीआई जाना पड़ता था, अब उन्हें उन्नत किडनी देखभाल के लिए स्थानीय विकल्प मिला है।
सिविल अस्पताल, मोहाली में पेरिटोनियल डायलिसिस कैथेटर प्लेसमेंट की शुरुआत क्षेत्र के किडनी मरीजों के लिए सुलभ स्वास्थ्य देखभाल में एक मील का पत्थर है। मरीजों को अब अपनी डायलिसिस आवश्यकताओं के लिए निजी अस्पतालों या पीजीआई की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं है।
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क्या है पेरिटोनियल डायलिसिस
पेरिटोनियल डायलिसिस किडनी फेल होने पर एक उपचार है, जिसमें मरीज के पेट की परत या पेरिटोनियम का उपयोग कर खून को शरीर के अंदर फिल्टर किया जाता है। एक सफाई तरल एक कैथेटर के माध्यम से पेट में बहता है, जहां यह पेट की परत में रक्त वाहिकाओं से अपशिष्ट उत्पादों को अवशोषित करता है और फिर तरल निकाल दिया जाता है। इस प्रकार का डायलिसिस मरीजों को हेमोडायलिसिस की तुलना में अधिक आरामदायक और स्वतंत्रता प्रदान करता है, जिसे आमतौर पर हर सप्ताह डायलिसिस केंद्र के कई दौरे की आवश्यकता होती है।
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कैसे करा सकेंगे इलाज पेरिटोनियल डायलिसिस
मरीज को केवल 10 रुपये का कार्ड बनवाकर ओपीडी की पर्ची बनानी पड़ेगी। पर्ची बनाने का समय सुबह साढ़े सात से लेकर दोपहर साढ़े 12 तक है। पर्ची बनवाने के बाद ओपीडी नंबर 24 में जाकर मरीज डॉक्टर से मिल सकता है। जहां हफ्ते के छह दिन सोमवार से शनिवार तक डॉ. चौधरी बैठते हैं।