मोहाली। विजिलेंस ब्यूरो के आय से अधिक संपत्ति के मामले में आईएएस संजय पोपली मामले की सुनवाई जिला अतिरिक्त एवं सेशन जज की अदालत में हुई। पिछली तारीख पर संजय पोपली के वकील ने अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट के लिए एक आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन की विषय-वस्तु को देखते हुए अदालत ने अभियुक्त संजय पोपली की व्यक्तिगत उपस्थिति से केवल एक दिन के लिए छूट मंजूर की थी। वहीं दूसरी तरफ मामले की मंजूरी रिकार्ड पर रखने के लिए कुछ और समय मांगा गया था। अदालत ने आरोप पर बहस के लिए 26 सितंबर की डेट तय की थी। शुक्रवार को सुनवाई दौरान अदालत में आरोप पर बहस नहीं हो पाई। अब मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर तय की है।
वर्ष 2022 में आईएएस संजय पोपली के खिलाफ मोहाली विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7, 7ए और 120 बी के तहत मामला दर्ज किया था। संजय पोपली पर आरोप है कि जिस समय संजय पोपली वाटर एंड सीवरेज बोर्ड के सीईओ थे, तब उनके साथ सहायक सचिव संदीप वत्स ने नवांशहर के एक ठेकेदार से 7.30 करोड़ की पेमेंट की अदायगी करने की एवज में कुल रकम का 7 फीसदी हिस्सा मांगा था। मुकदमे की जांच के दौरान उसके द्वारा दिए इकबालिया बयान के आधार पर संजय पोपली के घर से अलग-अलग तरह का सामान बरामद किया गया था। इसमें सोने की 9 ईंटें (प्रति ईंट वजन 1 किलो), अलग-अलग वजन के 49 सोने के बिस्कुट (3160 ग्राम), अलग-अलग वजन के 12 सोने के सिक्के (356 ग्राम), चांदी की 3 ईंटेें (प्रति ईंट वजन 1 किलो), 18 चांदी के सिक्के (180 ग्राम), 4 एप्पल आईफोन, एक सैमसंग फोन, दो सैमसंग स्मार्ट घड़ियां और 500- 500 के 700 भारतीय करेंसी के नोट (कुल 3,50,000 रुपए) शामिल थे। इस मामले की जांच में सामने आया था कि बरामद किए गए सोने और चांदी की कीमत 6.62 करोड़ रुपये से अधिक बनती है। उक्त मुलजिम की जायदादों, वेतन, बैंक खातों और अन्य संपत्तियों का रिकार्ड कब्जे में ले लिया गया था।