राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मुंबई समेत भारत के विभिन्न हिस्सों में आईएसआई के साथ मिलकर आतंकी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रचने के आरोपी प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जास्टिस (एसएफजे) के सदस्य जसविंदर सिंह मुल्तानी पर शिकंजा कर दिया है। उसे सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए अब आम लोगों से मदद ली जाएगी। उसके बारे में जानकारी देने वालों को 10 लाख का इनाम दिया जाएगा। एनआईए ने इस संबंध में फोन नंबर जारी किया है। कोई भी उन नंबरों पर जानकारी दे सकता है। जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक आरोपी जसविंदर सिंह मुल्तानी मूलरूप से होशियारपुर का रहने वाला है। उसका नाम लुधियाना बम धमाका मामले में भी जुड़ा। उसे आखिरी बार जर्मनी में देखा गया था। जहां पर उसे हिरासत में लिया गया था। वहीं 31 दिसंबर को एनआईए ने उस पर देशद्रोह समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इस दौरान गृह मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि आरोपी पंजाब समेत देश के अन्य हिस्सों में अशांति फैलाने की तैयारी में था।
आरोपी ने इस काम को अंजाम देने के लिए विदेश में बैठे खालिस्तानी समर्थकों की मदद ली। उसके संपर्क में विदेश में बैठे कई आतंकी थे। इतना ही नहीं उसने पंजाब के युवाओं को भारत के खिलाफ उकसाया और सोशल मीडिया पर अभियान भी चलाया। पंजाब समेत भारत में आतंकी वारदातों के लिए गोला, बारूद व अन्य सामाग्री मुहैया करवाने के लिए धन जुटाने काम भी करता है।
यह पैसा वह तस्करी नेटवर्क के माध्यम से जुटाता था। मुल्तानी सिख फॉर जास्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू का भी खास है। वह भी भारत में अशांति फैलाने की कोई कसर नहीं छोड़ता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एसएफजे को प्रतिबंधित कर पन्नू को आतंकियों की सूची में शामिल कर रखा है। एनआईए ने पंजाब में मौजूद उसकी संपत्ति को जब्त कर लिया था। हालांकि अभी तक कोई भी जांच एजेंसी पन्नू तक नहीं पहुंच सकी। वजह वह कनाडा, अमेरिका या ब्रिटेन जैसे देशों से अपनी गतिविधियां संचालित करता है। वह भारत का नागरिक भी नहीं है। इसी के चलते जांच एजेंसियों के हाथ बंध जाते हैं।