डेराबस्सी। लोगों को सरकारी अस्पतालों में आधुनिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं देने का आम आदमी पार्टी ने वादा किया था। यह महज बयानबाजी से ज्यादा कुछ नहीं है। स्थिति इतनी खराब है कि प्रदेश की राजधानी से मात्र 20 किलोमीटर दूर डेराबस्सी के सिविल अस्पताल में बने मुर्दाघर में शव रखने के लिए रखे दो फ्रिज में से एक फ्रिज खराब है। इस कारण अब स्ट्रेचर पर बर्फ लगाकर शवों को रखा जा रहा है।
इस अस्पताल के बाहर बोर्ड पर 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं बड़े अक्षरों में लिखा है लेकिन दोपहर दो बजे के बाद यहां सिर्फ आपातकालीन में ही डॉक्टर उपलब्ध रहता है। अन्य सेवाएं एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, लैबोरेटरी, फ्री मेडिसिन डिस्पेंसरी बंद पड़ी है।
अस्पताल का दौरा करने पर वहां अपने 11 माह के बच्चे की दवा लेने आए पिता ने बताया कि चार नंबर कमरे के बाहर एक घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहा है। डिस्पेंसरी में दवा लेने आए आठ मरीजों से बात करने पर उन्होंने कहा कि पर्ची में लिखी सभी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए मजबूरन वेबाहर से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हैं।
लालडू से आंख की दवा लेने आई महिला ने बताया कि वह एक बजे से पहले अस्पताल पहुंच गई थी लेकिन बिना दवा दिए अगले दिन आने को कह कर वापस भेज दिया, जबकि 1 बजे तक का समय है। वहीं हड्डियों के डॉक्टर की ड्यूटी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में लगी होने के कारण उनसे दवाई लेने आए मरीज परेशान हुए।
कोट
स्टोर में दवाएं खत्म हो गई हैं। इस बारे में विभाग को लिखा है। दवाएं जल्द आ जाएगी। रही बात शव को वर्फ पर रखने की तो मुर्दाघर के फ्रिज 15 साल पुराने हैं। बार-बार मरम्मत के बावजूद वे खराब हो जाते हैं। नए फ्रिज के लिए विभाग को पत्र भेजा है। गर्मियों में शव को बर्फ पर रखते हैं। बीती रात पांच शव जमा होने के कारण ऐसा करना पड़ा। -डॉ. धरमिंदर सिंह, एसएमओ