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सेक्टर-81 में 25 एकड़ में बनेगा मेडिकल कॉलेज

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मोहाली। फेज-6 स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को सेक्टर-81 स्थित नॉलेज सिटी में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए 25 एकड़ जगह तलाश ली गई है। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए सरकार को भेजा गया है। जैसे ही सरकार से हरी झंडी मिलेगी। उसके बाद इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज की डायरेक्टर ऑफ प्रिंसिपल डॉ. भवनीत भारती ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इमारत का 50 प्रतिशत काम पूरा होने तक मेडिकल कॉलेज फेज-छह से ही चलेगा।
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जानकारी के मुताबिक आम आदमी पार्टी के सत्ता में आते ही फेज-छह में बनाए जा रहे कॉलेज की साइट को शिफ्ट करने की बात तत्कालीन सेहत मंत्री डॉ. विजय सिंगला ने की थी। उनका कहना था कि कॉलेज बनाने के लिए यह साइट छोटी होने के साथ ही सही नहीं है। इस संस्थान को वहां पर बनाया जाना चाहिए, जहां से पूरे इलाके को फायदा मिल पाए। इसके बाद से ही इस दिशा में काम शुरू हो गया था।
डॉ. भारती ने बताया कि कॉलेज बनने की शुरुआत से ही काफी समस्याएं आईं। मंगलवार को सेहत विभाग की ओर से विधायक कुलवंत सिंह की अगुवाई में हुई बैठक में मेडिकल कॉलेज के लिए तीन जगह चिह्नित की गई। ऐसे में सेक्टर-81 में 25 एकड़ जमीन में नेनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर बनाने को फाइनल किया गया। फिलहाल अभी सिर्फ जमीन मिली है। प्रोजेक्ट को पूरा होने में कुछ साल लग सकते हैं। कॉलेज में दूसरे बैच की तैयारी शुरू हो चुकी हैं। उसकी कक्षाएं फेज-6 से ही चलेंगी। जब तक संस्थान की 50 प्रतिशत इमारत नहीं बन जाती, तब तक मेडिकल कॉलेज यहीं से चलेगा।
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इन साइटों पर भी हुआ मंथन
फेज-छह स्थित डॉ बीआर आंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज सें संबंधित है। यहां पर एमबीबीएस की 100 सीटें हैैं। यहां पर जगह की कमी थी क्योंकि कॉलेज के पास दस एकड़ से कम जगह थी। ऐसे में कॉलेज का विस्तार संभव नहीं था। ऐसे में सरकार ने तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की कमेटी बनाई थी जिन्होंने फेज 6 के पास जुझार नगर, न्यू चंडीगढ़ और सेक्टर 81 में जगह देखी थी।
कॉलेज को 220 सीटों पर अपग्रेड किया जाएगा
2012 में शिरोमणि अकाली दल के शासन के दौरान केंद्र-राज्य साझा फंडिंग के तहत 60:40 के अनुपात में 300 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज परियोजना को मंजूरी दी गई थी। शुरुआत में 100 एमबीबीएस सीटों के साथ शुरू हुआ। संस्थान को अंतत 220 सीटों पर अपग्रेड किया जाएगा। यह पंजाब का चौथा मेडिकल कॉलेज है जो करीब 48 साल बाद बना है।
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