बच्ची परिजन को सौंपते ट्रैफिक इंचार्ज।
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मोहाली। गांव मटौर में बच्चों के साथ खेलते-खेलते एक चार वर्षीय बच्ची अपने घर से काफी दूर चली गई और फिर रास्ता भूल गई। जब रोती हुई अकेली बच्ची की जानकारी किसी ने ट्रैफिक पुलिस के जवानों को दी जो वह उस बच्ची को लेकर उसे उसके परिवार के पास पहुंचाने के लिए जगह-जगह भटके और आखिर में उसके घर के नजदीक खेलते बच्चों ने जब उसे पहचाना तो उसको उसके परिवार वालों को सौंपा।
दरअसल मंगलवार को सुबह गांव मटौर की रहने वाली संजना नाम की एक बच्ची अपने घर के नजदीक कुछ बच्चोें के साथ खेल रही थी। इस दौरान खेलते हुए वह अपने घर का रास्ता भूल गई और चलते-चलते घर से काफी दूर गांव सोहाना में पहुंच गई।
इसी दौरान करीब साढ़े दस बजे उसके नजदीक से कुछ कचरा बिनने वाली महिलाएं गुजरीं और उसे रोते हुए देखा। इस पर उन महिलाओं ने गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां के नजदीक नाके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस मुलाजिमों को उस रोती हुई लावारिस बच्ची के बारे में बताया। इसके बाद ट्रैफिक इंचार्ज शाम सुंदर ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर बच्ची को गोद में उठा लिया और उससे उसका नाम पूछा। इस पर बच्ची ने अपना नाम संजना बताया। इसके बाद उसके घर का पता पूछा तो उसने अपने घर के नजदीक की कुछ पहचान बताई। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस के मुलाजिमों ने बच्ची को चॉकलेट दिलाई और उसके कहे अनुसार गलियों में उसको लेकर घूमते रहे। जब काफी देर के बाद वह मटौर में मंदिर के नजदीक पहुंचे तो वहां कुछ बच्चे खेल रहे थे। इन बच्चों ने बच्ची को तुरंत पहचान लिया और पुलिस मुलाजिमोें को उसके घर का पता बताया। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस मुलाजिम खुश हुए और वह बच्ची को लेकर उसके परिवार वालों के पास पहुंच गए और बच्ची को उन्हें सौंप दिया। इसके बाद परिवार ने पुलिस मुलाजिमों का धन्यवाद किया।