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मोहाली : सिटी बस का इंतजार खत्म न होने से वरिष्ठ नागरिक भी हैरान

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मोहाली। विकास को रफ्तार देने में वहां की सार्वजनिक परिवहन सेवा की अहम भूमिका होती है। ट्राइसिटी के अहम अंग व पंजाब के वीआईपी जिले में सिटी बस सर्विस का न होना विकास की रफ्तार पर रोक लगा रहा है। मोहाली राज्य का दूसरा ऐसा जिला है, जहां की सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या सबसे ज्यादा है। यह प्रदूषण का भी बड़ा कारण बन रहा है। शहर के विकास को रफ्तार देने में योगदान करने वाले वरिष्ठ नागरिक भी सिटी बस सर्विस न होने पर हैरान हैं।
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चंडीगढ़ की तर्ज पर उससे सटकर विकसित मोहाली को सिटी ब्यूटीफुल का प्रतिरूप बनाने की कोशिश हर सरकार करती रही है। सभी सरकारों की कोशिशों पर उस समय सवालिया निशान लग जाता है, जब वीआईपी सिटी के लोगों को सार्वजनिक परिवहन के लिए सिटी बस की सुविधा नहीं मिलती है। पिछले एक दशक के दौरान ही मोहाली जिले ने तीन गुना विस्तार किया है। यह विस्तार लंबाई में हुआ है। उप नगरीय इलाकों के विकसित होने के साथ ही शहर में नए सेक्टरों की भी भरमार हुई है। इन्हें आपस में जोड़ने के लिए सार्वजनिक परिवहन के नाम पर सिर्फ ऑटो सर्विस ही है। जिले की तकरीबन 35 प्रतिशत आबादी वरिष्ठ नागरिकों की है। सेहत संबंधी समस्याओं के चलते रात के समय या भीड़भाड़ वाले इलाके में वाहन चलाना वरिष्ठ नागरिकों के लिए अक्सर मुश्किल होता है। अगर ये वरिष्ठ नागरिक निजी वाहन का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो इन्हें ऑटो पर निर्भर रहना होगा, जो इनके लिए सुविधाजनक नहीं हैं। ऐसे में मोहाली के वरिष्ठ नागरिक इस बात पर हैरानी जताते हैं कि शहर के विकास को देखते हुए जो सुविधा 20 साल पहले मिल जानी चाहिए थी, उस पर आज तक किसी सरकार ने गौर क्यों नहीं किया।
सिटी बस चलने से कई वर्ग के लोगों को मिलेगा फायदा
सड़कों पर यातायात का बोझ कम करना है तो सिटी बस सर्विस हर हाल में शुरू करनी होगी। एक बस में 40 लोगों का सफर करना सड़क पर 20 से 30 वाहनों के बोझ को कम करेगा। इससे प्रदूषण में भी कमी आएगी। शहर में पार्किंग एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन होगा तो निजी वाहनों के इस्तेमाल में भी कमी आएगी और पार्किंग की समस्या से भी निजात मिलेगी। - एनएस कलसी, रिटायर्ड एक्सईएन मोहाली
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साल 2015 में सिटी बस परियोजना पर काम शुरू हुआ था। फंड भी आए थे। गमाडा के साथ फंड बंट जाने के कारण बसों की खरीद नहीं हुई थी। बाद में नगर निगम को यह काम सौंपा गया था, जिसमें आज तक कोई प्रगति नहीं हुई है। सीटीयू की जो बसें मोहाली के रूट पर चलती हैं, वो यहां के लोगों की जरूरत को पूरा नहीं करती हैं। नए सेक्टरों सहित आसपास के गांवों से लोग रोजमर्रा के काम के लिए यहां आते हैं, जिन्हें ऑटो या फिर निजी वाहनों में सफर करना पड़ता है। - केएनएस सोढी, प्रधान, मोहाली एनवायरमेंट सोसाइटी
मोहाली जैसे शहर के पास अपनी सिटी बस सर्विस न होना हैरान करता है। जिला ही नहीं मोहाली शहर भी लंबाई में बसा है। तेजी से नए सेक्टर विकसित हो रहे हैं। इन सेक्टरों तक आने-जाने के लिए ऑटो पर ही निर्भर रहना पड़ता है। वरिष्ठ नागरिकों को अपने स्वास्थ्य की जांच सहित अन्य कामों से अक्सर सफर करना पड़ता है। जो वरिष्ठ नागरिक खुद वाहन नहीं चला पाते उनको काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। - रिटायर्ड कर्नल एसएस सोही
सटी बस सर्विस शहर की जरूरत है। अन्य वर्गों के साथ वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह काफी सुविधाजनक साबित होगी। सिटी बस सर्विस होने से सड़कों पर यातायात कम होगा और प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आएगी। बाजारों, अस्पतालों व सार्वजनिक स्थानों पर पार्किंग की समस्या दिन-प्रतिदिन गहराती जा रही है। ऐसे में आरामदायक व प्रदूषण रहित सार्वजनिक परिवहन का होना समय की जरूरत है। कोरोना काल में सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की जरूरत और भी बढ़ जाती है। - बीसी प्रेमी, सदस्य जिला शिकायत निवारण कमेटी मोहाली
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