शहर के अकाली-बीजेपी पार्षदों ने दो दिन तक मीटिंग कर अहम फैसला लिया है। पार्षदों की दलील है कि भले ही मेयर कुलवंत सिंह अकाली दल में शामिल हो जाएं। इस पर उनको कोई ऐतराज नहीं है। मोहाली हलके से संबंधित सारी सीटें अकाली भाजपा टिकट पर चुनाव जीते पार्षदों को मिलनी चाहिए। इन पदों में सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर, हलका इंचार्ज, जिला योजना कमेटी के चेयरमैन समेत कई पद शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, वीरवार शाम को हुई मीटिंग में अकाली बीजेपी के सभी पार्षद मौजूद थे। सूत्रों से पता चला है कि मीटिंग 23 पार्षदों ने सर्वसम्मति से तय किया है कि हम अब हर स्थिति में इकट्ठे रहेंगे। भले ही कोई पार्टी छोड़े या पार्टी ज्वाइन करे। वहीं, मीटिंग में मौजूद पार्षदों का कहना था कि इस संबंध में में अब वह डिप्टी सीएम या सीएम से ही बात करेंगे। इसके अलावा वह किसी भी नेता से इस मुद्दे पर बात नहीं करेंगे।
वहीं, पार्षदों ने साफ किया है कि उनके द्वारा शहर के विकास को लेकर समय समय पर मीटिंग की जाती है। मीटिंग में यह भी तय किया गया कि बीजेपी अकाली सारे पार्षद कुलवंत के शामिल होने के संबंध में कोई भी मीटिंग एनके शर्मा से नहीं करेंगे। पार्षदों का कहना था नगर निगम के चुनाव में पार्टी उम्मीदवारों के विपरीत कुलवंत सिंह व कांग्रेस का साथ देने वाले लीडरों के खिलाफ भारी रोष है। जिक्रयोग है कि इससे पहले प्रशासन के अधिकारियों से नाराज चल रहे बीजेपी अकाली पार्षदों ने सीएम से अपना दुखड़ा रोया था। इसके बाद सीएम ने सभी अधिकारियों को बुलाकर एक साथ पार्षदों से मीटिंग की थी। साथ ही पार्षदों के काम पहल के आधार पर करने के आदेश दिए थे। इसके बाद पुडा के सीए व डिप्टी सीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी मनवेश सिंह सिद्धू ने बीजेपी अकाली पार्षदों से मीटिंग कर उनके कामों की सूचियां ली थी। साथ ही उन्हें जल्द से जल्द करने का भरोसा दिया था। इसके चलते भी पार्षदों के हौसले बुलंद हैं।