पत्नी पर गोली चलाने के आरोप में सरेंडर करने वाले डीएसपी अतुल सोनी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। अब पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाने की तैयारी में है। पुलिस ने इस संबंध में मंगलवार को जिला अदालत में अर्जी दायर कर दी है। जिसे कोर्ट द्वारा भी मंजूर कर लिया गया है।
अब मोहाली पुलिस 5 मार्च को निलंबित डीएसपी अतुल सोनी को प्रोडेक्शन वांरट पर लेकर आएगी। ताकि केस के अन्य पहलुओं की जांच की जा सके। फेज-8 थाने के एसएचओ रजनीश चौधरी ने कहा कि अतुल सोनी को 5 मार्च को प्रोडेक्शन वारंट पर जेल से लाया जाएगा। क्योंकि उससे केस से जुड़े कई सवालों को लेकर पूछताछ करनी अभी बाकी है।
सोनी के खिलाफ सेक्शन- 307,323, 498-ए आईपीसी व 25 आम्र्स एक्ट की धारा के तहत केस दर्ज किया गया है। झगड़े के बाद पुलिस को जो डीएसपी सोनी की पत्नी सुनीता सोनी ने 32 बोर पिस्टल दी थी। वह कहां से और किससे खरीदी थी इसे लेकर और पत्नी पर गोली चलाने संबधी भी अतुल सोनी से पूछताछ करनी है।
बता दें कि 18 जनवरी को डीएसपी अतुल सोनी और उनकी पत्नी सुनीता सोनी चंडीगढ़ के एक डिस्क में गए थे। वहां पर उनका किसी बात को लेकर विवाद हुआ और दोनों में बहसबाजी और धक्का मुक्की तक हुई। इसके बाद दोनों मोहाली स्थित अपने घर पहुंच गए।
पत्नी ने आरोप लगाया था कि घर पहुंचकर पति ने उनके साथ मारपीट की है और उस पर गोली तक चलाने की कोशिश की। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने अतुल सोनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 (हमला), 307 (हत्या का प्रयास), 498-ए (घरेलू हिंसा) और आर्म्स एक्ट के तहत फेज-8 थाने में केस दर्ज किया था।
केस दर्ज होने के अगले दिन ही पत्नी ने एफिडेविट जारी करके आरोप लगाया था कि पुलिस ने खुद ही फायरिंग वाली बात एफआईआर में दर्ज कर ली थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि सोनी की पत्नी ने खुद लिखित में शिकायत दी थी और उनके पास हथियार को सुपुर्द करने के समय की वीडियो भी है।
वहीं उक्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके बाद डीएसपी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की थी। इसके बाद 43 दिन से आरोपी पुलिस से बचता रहा था।