हर एसएसपी को एक-एक सोसायटी की जांच की जिम्मेदारी दी थी
डीआईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि कुछ किराएदार बिना पुलिस सत्यापन फ्लैटों में रह रहे हैं। यह बात भी सामने आई है कि कुछ लोगों ने फ्लैट लेकर आगे किराए पर दिए हुए हैं। पुलिस ऐेसे लोगों का रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि अपराधी किस्म के लोगों पर शिकंजा कसा जा सके। इस सर्च अभियान की खास बात यह थी कि तीनों जिलों के एसएसपी को एक-एक सोसायटी की जांच की जिम्मेदारी दी गई थी।
अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह बनीं बड़ी सोसायटियां
मोहाली जिले में 30 हजार से भी अधिक फ्लैट बने हुए हैं। इनमें से काफी खाली पड़े हैं। इस बात का अपराधी पूरा फायदा उठाते हैं और यहां आकर आराम से किराए पर कमरा लेकर छुपे रहते हैं फिर मौका देख वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल जाते हैं। इस बात का खुलासा पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हुए हमले के आरोपियों के पकड़े जाने पर हुआ था।
उन्होंने पूछताछ में बताया था कि वह मोहाली की एक नामी सोसायटी में ठहरे थे। इसी तरह अकाली नेता विक्रमजीत सिंह विक्की मिड्डूखेड़ा हत्याकांड के आरोपी भी जलवायु टावर में रुके थे। गायक सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर रहे शगुनप्रीत ने उन्हें यहां पर ठहराया था क्योंकि वह यहीं पर किराए पर मकान लेकर रहता था। उसकी भूमिका सामने आने बाद वह ऑस्ट्रेलिया भाग गया। इसके अलावा खरड़ में पुलिस ने दबिश देकर कुछ गैंगस्टर दबोचे थे। जीरकपुर के पीर मुछल्ला में भी फ्लैट में रह रहे एक गैंगस्टर को मुठभेड़ में मारा गया था।