ट्राइसिटी में सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल मोहाली में है। इस साल के अब तक सात महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमश: 15.31 और 13.79 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसका असर यहां के लोगों की जेब पर तो पड़ ही रहा है, वहीं, पेट्रोल पंप मालिक भी घाटे में हैं। ट्राइसिटी में पेट्रोल-डीजल महंगा होने के कारण भूमि और रेत माफिया की तर्ज पर तेल माफिया भी पनप चुका है, जिसका असर सरकार के राजस्व पर भी पड़ रहा है।
ट्राइसिटी दो राज्यों और एक यूटी का मेल है। तीनों जगह पेट्रोल और डीजल के दाम अलग-अलग हैं। सबसे महंगा पेट्रोल-डीजल मोहाली में है। मोहाली में इस समय पेट्रोल के दाम 103 रुपये 72 पैसे और डीजल के 92 रुपये 84 पैसे हैं। ये चंडीगढ़ और पंचकूला के मुकाबले अधिक हैं। इससे पेट्रोल पंप का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
मोहाली पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के प्रधान इश्विंदर सिंह मोंगिया बताते हैं कि तेल की कीमतों में अंतर के कारण मोहाली शहर के पेट्रोल पंपों का कारोबार 70 से 80 फीसदी तक गिर चुका है।
इस कारण पेट्रोल पंप चलाना मुश्किल हो चला है। बिक्री में इस स्तर की गिरावट आने के कारण सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, जिले में भूमि और रेत माफिया की तर्ज पर अब तेल माफिया ने भी पैर जमाना शुरू कर दिए हैं।
कुछ समय पहले पुलिस ने छोटे वाहन में टैंकर लगाकर ऑयल की तस्करी करने के एक आरोपी को दबोचा भी था। ये लोग चंडीगढ़, हरियाणा या हिमाचल से पेट्रोल और डीजल लाकर पेट्रोल पंप से कम दामों पर मोहाली में बेचने का धंधा चला रहे हैं।
पेट्रोल की कीमतों में साल की शुरुआत से अभी तक 15 रुपये 31 पैसे की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसमें सबसे ज्यादा उछाल जून में आया, जिसमें पेट्रोल की कीमत में 4 रुपये 75 पैसे की बढ़ोतरी हुई। जबकि फरवरी से अप्रैल के बीच कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई। हालांकि साल की शुरुआत में 4 रुपये 36 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी। यानी जनवरी में पेट्रोल की कीमत 88 रुपये 41 पैसे थी, जो फरवरी में 92 रुपये 77 पैसे तक पहुंच गई थी।
ऐसा ही हाल रहा डीजल का
वीआईपी सिटी में साल की शुरुआत से अब तक डीजल के दामों में 13 रुपये 79 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि मार्च में डीजल के दामों में 61 पैसे की मामूली गिरावट आई थी, लेकिन इसके बाद दाम लगातार बढ़ते चले गए। जुलाई में डीजल के दाम अपनी रिकार्ड तोड़ कीमतों के साथ 92 रुपये 84 पैसे की अधिकतम कीमत को छू चुके हैं।
मोहाली में पेट्रोल पंप का कारोबार घाटे में चल रहा है। सरकार ने फरवरी-2019 में राहत दी थी। उस समय चंडीगढ़ और मोहाली में पेट्रोल की कीमतों में अंतर 10 रुपये से ज्यादा था। राहत के बाद यह अंतर 5 रुपये पर आ गया था। पेट्रोल पंप मालिक कई बार वित्त मंत्री मनप्रीत बादल से मिलकर निवेदन कर चुके हैं कि कम से कम डीजल की कीमतें चंडीगढ़ के बराबर कर दी जाएं। लेकिन कोई कदम नहीं उठाया है। -इश्विंदर सिंह मोंगिया, प्रधान मोहाली पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर लगाम लगाना केंद्र सरकार का काम है। केंद्र सरकार इसमें नाकाम साबित हुई है। केंद्र की नीतियां कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने की रही हैं। जिससे आम नागरिकों और कारोबारियों पर बोझ बढ़ता जा रहा है। तेल कंपनियां मनमाने ढंग से कीमतों में इजाफा कर रही हैं, क्योंकि उन्हें केंद्र का संरक्षण प्राप्त है। केंद्र की वजह से राज्य पर आर्थिक बोझ है। राज्य को उसके राजस्व का हिस्सा जारी नहीं किया जा रहा। - बलबीर सिंह सिद्धू, सेहत मंत्री, हलका विधायक