मोहाली के फेज-5 के रिहायशी इलाके में नगर निगम द्वारा प्रीमिक्स डालने का काम शुरू होते ही विवादों में घिर गया। लोगों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इससे मुख्य सड़क और फुटपाथों का लेवल बराबर हो गया है। इससे बारिश के पानी से इलाका डूब जाएगा। लोगों ने इस संबंध में मेयर और सीएम प्रकाश सिंह बादल को पत्र लिखा है।
जानकारी के मुताबिक, नगर निगम ने शुक्रवार को फेज-5 स्थित डीसी और निगम कमिश्नर के सरकारी निवास के बाहर सड़क पर प्रीमिक्स डालने काम शुरू किया। प्रीमिक्स 1600 वाली लाइन में डाला जा रहा था। इलाके के लोगों का कहना था कि सड़क बिल्कुल बढ़िया हालत में है। ऐसे में सड़क पर प्रीमिक्स डालने की जरूरत ही नहीं है। इससे सड़क व फुटपाथों का लेवल बराबर हो गया है, जबकि सड़क का प्लिंथ लेवल काफी नीचे रह गया है।
लोगों ने कहा कि ऐसे में उन्हें बारिश का पानी घरों में जाने का डर सता रहा है। दूसरी ओर पेक की टीम ने निगम को सुझाव दिया था कि इलाके की सड़कों की स्क्रैपिंग करके ही प्रीमिक्स डाला जाए। लेकिन, ऐसा न करके निगम लोगों से धोखा कर रहा है।
आईआईटी और पेक के सर्वे बेकार
कुछ साल से शहर में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। गमाडा व निगम ने अपने-अपने स्तर पर विभिन्न टीमों से स्टडी करवा चुके हैं। गमाडा ने शहर में जलभराव से निपटने के लिए आईआईटी मुंबई से स्टडी करवाई थी। जबकि, निगम ने पेक की टीम से सर्वे करवाया था। गमाडा ने सुझावों पर कुछ अमल किया था, लेकिन बीच में ही इस काम को छोड़ दिया गया। वहीं, निगम अभी तक सुझावों पर अमल शुरू नहंी कर पाया है।
पानी ने इन सेक्टरों में मचाया था कहर
गत वर्ष सितंबर में हुई बारिश ने कई इलाकों में जमकर कहर मचाया था। इस दौरान फेज-4, 5, 3बी2, सेक्टर-60, 61 और 71, सोहाना और कुभंड़ा में बारिश का पानी घरों में घुस गया था।
मामला संज्ञान में आया है। अभी तो प्रीमिक्स डाल दिया गया है। भविष्य में स्क्रैपिंग करने के बाद ही सड़कों पर प्रीमिक्स डाला जाएगा। इसके लिए निगम मशीन खरीदने की तैयारी कर रहा है। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
उमा शंकर, नगर निगम कमिश्नर