कंट्रोल रूम का ताला बंद और इमरजेंसी में डॉक्टर नहीं मिलता है। यह हालात जिले के सिविल अस्पताल का है। इस समय अस्पताल डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा हैै। इसका असर स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ने से मरीज और उनके साथ आए परिवारीजन परेशान हैं। मरीजों को घंटों डॉक्टर के आने का इंतजार और उसके बाद टाइम ओवर होने के कारण अस्पताल से बगैर उपचार के वापस लौटने की नौबत आए दिन आ रही है। अस्पताल स्टाफ का कहना है कि यहां पर्याप्त स्टाफ का बंदोबस्त स्वास्थ्य विभाग को करना चाहिए। अगर स्टाफ पूरा नहीं होगा तो काम और सुविधाएं तो प्रभावित होना लाजिमी हैं। बताया जा रहा है कि सिविल अस्पताल में मेडिकल आफिसर के नौ पद हैं, जिसमें से पांच पद खाली पड़े हैं।
इसकी वजह से ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों पर वर्कलोड बढ़ रहा है। चाहकर भी वह सभी मरीजों को संतुष्ट नहीं कर पा रहे हैं। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी सेवाओं और फिर पोस्टमार्टम, कोर्ट पेशी एवं वीपीआई ड्यूटी जैसे काम इन्हे निपटाने होते हैं। बारिश का सीजन शुरू हो चुका है। इसके वजह से कई तरह के बुखार और डेंगू जैसे रोगों के बढ़ने की संभावना रहती है।
इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग अस्पताल में बेहतर सुविधाएं देने के दावे तो कर रहा है, मगर अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ देने में पूरी तरह से असफल नजर आ रहा है। अस्पताल की एसएमओ डॉ.आदेश कंग के मुताबिक, पता लगाया जाएगा कि किस कारण कंट्रोल रूम बंद है। डॉक्टरों की संख्या के बारे में उन्होंने कहा अस्पताल में जो स्टाफ है वह पर्याप्त है और स्वास्थ्य सुविधाएं देने में सक्षम है।
अस्पताल में ये पद खाली
फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में दो डॉक्टर बाल रोग विशेषज्ञ हैं। इनमें से एक विशेषज्ञ का तबादला चंडीगढ़ हो चुका है। इनके अलावा जिला मोहाली के सरकारी अस्पताल में कार्यरत एकमात्र चर्म रोग विशेषज्ञ का भी तबादला चंडीगढ़ हो हुआ है। इन दोनों डाक्टरों के अगले सप्ताह के भीतर चंडीगढ़ में ज्वाइनिंग हो सकती है। वहीं, डॉक्टर (मेडिसन) ने भी एक माह का नोटिस दिया है। यानी एक माह बाद मेडिसन के डॉक्टर का पद भी खाली हो जाएगा।
मरीज की पत्नी ने रोया दुखड़ा
अस्पताल की इमरजेंसी में कई मरीज डॉक्टर के इंतजार में खड़े थे। डाक्टर की इंतजार में खड़े मरीज की पत्नी ने बताया कि वह दो घंटे से इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर से मिलने के लिए खड़े हैं। एक्सरे कराने के लिए इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर नहीं मिला। वहीं, स्टाफ नर्स ने बताया कि डॉक्टर राउंड पर गए हैं।
सिर्फ दिखावे के लिए हैं कंट्रोल रूम
अस्पताल की इमरजेंसी में गेट के ठीक सामने कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस कंट्रोल रूम पर ताला लगा था। जबकि कंट्रोल रूम के भीतर पंखा चल रहा था। स्टाफ से कंट्रोल रूम में ड्यूटी के बारे में पूछने पर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि, अस्पताल स्टाफ के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सिविल अस्पताल के कंट्रोल रूम में पिछले काफी समय से ड्यूटी पर कोई नहीं होता है। अब यह कंट्रोल रूम सिर्फ दिखावे के लिए मौजूद है।