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मोहाली: किसानों के संघर्ष के साथ हुआ था 2021 का आगाज, साल अंत तक मिलीं कई सौगातें

Thu, 30 Dec 2021 12:01 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली

सार

शहर के लोगों की सुविधा के लिए सेहत विभाग द्वारा नया सिविल अस्पताल सेक्टर-66 में बनाया जा रहा है। यह करीब 10 एकड़ जमीन में बनाया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि इसके बनने से मोहाली शहर के दोनों सिरों पर अस्पताल हो जाएंगे।
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बलौंगी में बनाई गई गोशाला। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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मोहाली में साल 2021 की शुरुआत किसानों के संघर्ष के साथ हुई थी। लेकिन साल अंत तक कई सौगातें मोहाली को मिलीं, जिसके लिए वीआईपी शहर लंबे समय से संघर्ष कर रहा था। एक तरफ जहां चुने हुए पार्षद और मेयर मिले। वहीं, मेडिकल कॉलेज का तोहफा भी इसी साल मिला। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट विभाग की ओर से दी जाने वाली अधिकतर सुविधाएं ऑनलाइन और सुविधा केंद्रों में शुरू हो गईं स्वच्छता रैंकिंग में सालों बाद मोहाली टॉप-100 में शामिल होने में कामयाब रहा और मोहाली को 81वीं रैंकिंग मिली है। हालांकि सीवरेज लाइन डालने के लिए खोदी गई फेज-11 बलौंगी रोड की वजह से पूरा साल लोग परेशान हुए। इसी तरह लाइब्रेरियां बंद होने से दिक्कत आई।

2021 में मोहाली को मिली सौगातें

1. नौ साल संघर्ष के बाद सच हुआ मेडिकल कॉलेज का सपना 

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मोहाली में मेडिकल कॉलेज के लिए करीब 9 साल से संघर्ष चल रहा था। साल 2021 में मेडिकल कॉलेज का सपना सच हो पाया। फेज-6 स्थित जिला सिविल अस्पताल और पंजाब सेहत विभाग के दफ्तर को ज्वाइंट कर मेडिकल कॉलेज बनाया गया है। 27 सितंबर को नेशनल मेडिकल कमीशन की तरफ से कॉलेज को मंजूरी दे दी गई है। कॉलेज को डॉ. बीआर आंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज का नाम दिया गया है। इस संस्थान को एमबीबीएस की 100 सीटों की मंजूरी मिली है। इसके अलावा स्टाफ की भर्ती हो गई। वहीं, मेडिकल कॉलेज ने अपना काम शुरू कर दिया है और अब नर्सिंग और फार्मेसी के कॉलेज बन रहे हैं। 

2. निगम को मिला नया मेयर, लोगों को मिले चहेते पार्षद
मोहाली नगर निगम को नए साल में चुना हुआ मेयर और लोगों को अपने चहेते पार्षद मिले। दरअसल मोहाली नगर निगम का कार्यकाल अप्रैल 2020 में खत्म हो गया था, लेकिन कोरोना की वजह से चुनाव नहीं हो पाए थे। ऐसे में फरवरी में चुनाव करवाए गए। 18 फरवरी को चुनावी नतीजे आए। इसमें कांग्रेस 37 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी जबकि अकाली दल और भाजपा खाता तक नहीं खोल पाई। वहीं, पूर्व मेयर कुलवंत सिंह की अगुवाई में बना आजाद ग्रुप और आप ने मिलकर 12 सीटें हासिल कीं। जबकि पूर्व मेयर खुद पार्षद का चुनाव हार गए। इसके बाद अप्रैल में विधायक बलबीर सिंह सिद्धू के भाई एवं वार्ड-10 के पार्षद अमरजीत सिंह जीती सिद्धू मेयर, अमरीक सिंह सोमल सीनियर डिप्टी मेयर और कुलजीत सिह बेदी डिप्टी मेयर बने। 
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3. नए सिविल अस्पताल समेत नए हेल्थ सेंटरों का तोहफा
शहर के लोगों की सुविधा के लिए सेहत विभाग द्वारा नया सिविल अस्पताल सेक्टर-66 में बनाया जा रहा है। यह करीब 10 एकड़ जमीन में बनाया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि इसके बनने से मोहाली शहर के दोनों सिरों पर अस्पताल हो जाएंगे। साथ ही लोगों को इलाज के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। इतना ही सेक्टर-69 और सेक्टर-79 में भी अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स (पीएचसी) का निर्माण किया जा रहा है। मोहाली के फेज 3बी2 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निर्माण किया जा रहा है।

4. मोहाली को कैटल फ्री बनाने के लिए बनी नई गोशाला
शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए बलौंगी में निजी संस्थाओं के सहयोग से एक गोशाला बनाई गई। यह बलौंगी गांव की जमीन पर बनी है। इस गोशाला के बनने से नगर निगम की गोशाला में पशुओं का दबाव कम हुआ। इस गोशाला में निगम की गोशाला में पशु शिफ्ट किए जा रहे हैं। हालांकि इस गोशाला का मामला काफी गर्मा गया था। विधायक बलबीर सिंह सिद्धू पर भी आरोप लगे थे। हालांकि उन्होंने कहा कि इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। 

5. कोविड से जंग के लिए खुद बनें सक्षम
कोरोना ने जब दस्तक दी थी तो गंभीर मरीजों को राजिंदरा अस्पताल पटियाला या बनूड़ के निजी सेंटर में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाता था। इसका कारण था कि मोहाली सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट और वेंटिलेटर की सुविधा नहीं थी। इसके बाद निजी संस्थाओं के सहयोग से फेज-6 स्थित मेडिकल कॉलेज में तीन ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। साथ ही सेना की मदद से गंभीर मरीजों के लिए मेक शिफ्ट अस्पताल बनाया गया। इसके अलावा कोरोना के लिए 100 बेड का स्पेशल वार्ड तैयार किया गया था। वहीं, कोविड केयर नाम से एक स्पेशल बस चलाई गई थी। 

6. शहर में बिना पंजीकरण कुत्ते रखने पर पाबंदी
मोहाली शहर के अंदर अब कोई कुत्ता पालना चाहता है तो उसे अपने कुत्ते का बाकायदा नगर निगम के पास पंजीकरण करवाना होगा। उसके बाद ही वह कुत्ता पाल पाएगा। इतना ही नहीं कुत्ते संबंधी कड़े नियम हैं। उनका भी पालन करना होगा। अगर कोई ऐसा नहीं करता है तो निगम की ओर से भारी जुर्माना लगाया जाएगा। अगस्त महीने से यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 

7. सेवा केंद्रों पर 56 नई सरकारी सेवाएं शुरू 
जिले के सेवा केंद्रों में फरवरी में 56 नई सरकारी सेवाएं शुरू की गई थीं। इनमें पुलिस के सांझ केंद्र की 20, परिवहन विभाग की 35 और फर्द केंद्र की एक सुविधा शामिल है। इससे पहले सेवा केंद्रों में 271 सेवाएं लोगों को मिल रही थीं। अब 327 सरकारी सेवाएं लोगों को मिलेंगी। एक छत के नीचे इतनी सेवाएं मिलने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा लोकल सिटी बस सर्विस चलाने के लिए भी प्रस्ताव पास किया गया। प्रोजेक्ट फाइलों में चल रहा है। 

8. बाजारों और शहर प्रवेश द्वारों का हुआ सौंदर्यीकरण
शहर के सभी बाजारों के प्रवेश द्वारों के सौंदर्यीकरण पर निगम की तरफ से लाखों रुपये की लागत से काम किया गया। सभी प्रवेश द्वारों को आकर्षक लुक दिया गया। इतना ही नहीं इनकी देखरेख की जिम्मेदारी निजी कंपनियों को सौंपी। इस पर निगम कोई पैसे खर्च नहीं करेगा बल्कि उक्त कंपनियां वहां पर निगम की शर्तों के मुताबिक अपना विज्ञापन लाएंगी। वहीं, बाजारों का सौंदर्यीकरण करते हुए यहां एंटीक लुक दिया गया है। इसके अलावा सामुदायिक केंद्र में सुधार हुआ। 

9. किसानों के संघर्ष की याद में बनाया किसान चौक
नगर निगम के अधीन आने वाले एरिया में भले ही कृषि योग्य भूमि नहीं आती है। लेकिन यहां से भी किसानी संघर्ष को मजबूती मिली। दो जगह पक्के मोर्चे लगे। इसके अलावा रोजाना शाम को इलाके की सड़कों पर किसानों के हक में आवाज उठाई जाती थी। जैसे ही सरकार ने किसान आंदोलन वापस लिया तो इसके बाद इलाके के लोगों और समाजसेवी संस्थाओं ने फेज-3/5 के चौक को लोगों ने किसान चौक का नाम दिया। इसके अलावा सेक्टर-66 में जिस झोपड़ी में संघर्ष चला था। उसे यादगार के तौर कंबाला गांव में स्थापित किया गया है।

10. बढ़ेगा निगम का क्षेत्र, कूड़े के पहाड़ से मिलेगी मुक्ति
करीब दस साल के लंबे इंतजार के बाद मोहाली का एरिया बढ़ाने का प्रस्ताव मिला है। अब बलौंगी और बलौंगी कॉलोनी, सेक्टर-118 और 119 को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वहीं, गांव बल्लोमाजरा को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। इसी तरह बड़माजरा और बड़माजरा कॉलोनी, बरियाली और गमाडा की ओर से मंजूरी टीडीआई प्रोजेक्ट सेक्टर-118, 119, 117, 116, 92 और 74ए, ग्रीन एनक्लेव, सेक्टर-66 का अल्फा केवल सरकार और गमाडा की ओर से मंजूर प्रोजेक्ट, सेक्टर-82, सेक्टर -91 और 92। गांव कंबाली को छोड़कर रेलवे लाइन/बाउंड्री तक ब्लॉक मार्केट मैटीरियल और अन्य एरिया को शामिल करने का प्रस्ताव पास किया गया है। इसी तरह इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 में बना कूड़े का पहाड़ भी खत्म हो जाएगा।

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