स्वां किनारे अवैद्य रास्तों को तुड़वाते अधिकारी।
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बिना किसी अनुमति के शहर की विभिन्न सड़कों के किनारे टेेलीफोन व इंटरनेट के तार डालने के लिए खुदाई करने वाली कंपनियों की अब खैर नहीं है। जल्द ही ऐसी कंपनियों पर सीधे पर्चे दर्ज किए जाएंगे। साथ ही उनका सामान भी जब्त किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने एसएसपी को पत्र भेजा है। जल्द ही इस मामले में पार्षदों व अधिकारियों की कमेटी गठित की जाएगी, जो कि ऐसे मामलों पर नजर रखेगी।
जानकारी के मुताबिक, टेलीफोन कंपनियों के इस रवैये के खिलाफ निगम की मीटिंग में फेज-6 के पार्षद आरपी शर्मा ने हाउस की मीटिंग में मुद्दा उठाया था। उनका कहना था कि कंपनियां पहले किसी भी तरह की खुदाई के लिए निगम से परमिशन नहीं ले लेती हैं। शुक्रवार शाम जब सरकारी दफ्तरों में छुट्टी हो जाती है तो कंपनियां इलाके में सक्रिय हो जाती हैं। क्योंकि उन्हें पता होता है कि अगले दो दिन सभी सरकारी विभाग बंद रहेंगे। इसके बाद अपनी मनमर्जी से खुदाई शुरू कर देेती हैं। अगर इलाके के लोग इसका विरोध भी करते हैं तो कंपनियों के अधिकारी लोगों को धमकाते हैं। वहीं, कंपनियों की इस तानाशाही रवैये से जगह-जगह खड्ढे हो जाते हैं। वहीं, लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
सीवरेज और ड्रेनेज लाइन को पहुंच रहा नुकसान
कंपनियों के कारण शहर की सीवरेज व ड्रेनेज लाइन को काफी नुकसान पहुंच रहा है। यह कंपनियां मशीन लगाकर तार डालने के लिए खुदाई करती हैं। इससे जमीन खोखली हो जाती है। ऐसे में थोड़ी बारिश होने पर जमीन धंसने से लाइन टूट जाती है। इससे इलाके के लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। फेज-5 में इसी चक्कर में जगह-जगह जमीन धंस रही है।
मोहाली विकास मंच निभा रहा अहम भूमिका
बिना परमिशन के शहर में जगह-जगह खुदाई कर रही कंपनियों पर शिकंजा कसने में मोहाली विकास मंच अहम भूमिका निभा रहा है। मंच के प्रधान विनीत वर्मा जिला वाटर सप्लाई एंड सेनिटेशन कमेटी के मेंबर भी हैं। ऐेसे में उनके पास जो भी शिकायत आती है। उसका खुद मौके पर जाकर मुआयना करते हैं। वह गत समय में करीब सात से आठ जगह ऐसी कंपनियों की कार्रवाई को रुकवा चुके हैं। इसके अलावा पुलिस को शिकायतें अलग से दी गई है।