मोहाली। मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद से नगर निगम की राजनीति गरमाई हुई है। एक तरफ जहां विरोधी दल दावा कर रहे हैं कि उनके पास पार्षदों का समर्थन नहीं है। ऐसे में उन्हें खुद पद छोड़ देना चाहिए या फिर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। वहीं, मंगलवार को मेयर ने नगर निगम भवन में कांग्रेस पार्षदों को मीटिंग के बहाने बुलाकर अपना शक्ति प्रदर्शन किया। साथ ही साफ किया कि पार्षद उनके साथ हैं।
इस मौके पर सीनियर डिप्टी मेयर अमरीक सिंह सोमल और डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी समेत तमाम नेता हाजिर रहे। मेयर ने कांग्रेस के 37 पार्षदों की मीटिंग बुलाई थी। उन्होंने दावा किया था कि मीटिंग में करीब 26 पार्षद शामिल हुए, जबकि पांच ने वीडियो काल के जरिये अपनी हाजिरी दी। इस मौके पर मेयर ने कहा कि वह किसी भी पार्षद को पार्टी छोड़ने या किसी को भाजपा में शामिल होने के लिए दबाव नहीं बना रहे हैं। उन्होंने अपने समूह पार्षदों को कहा कि वह अपने साथी पार्षदों के साथ मिलकर परिवार की तरह नगर निगम को चलाते आ रहे हैं। साथ ही उन्हें अपने समूह साथियों का सहयोग मिलता आया है। इसी सहयोग की उन्हें अपने पार्षद साथियों से आगे भी सहयोग की उम्मीद है। हालांकि पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस तरह की मीटिंग वह अपने साथी पार्षदों से ऐसी मीटिंग करते रहते हैं। ताकि मोहाली को विकास की राह पर ले जाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस बार मीटिंग इसलिए भी विशेष रही है क्योंकि विरोधी पक्ष ने इस मीटिंग बारे लोगों और मीडिया में काफी गलत प्रचार किया। नगर निगम कमिश्नर को मीटिंग में घसीटने की कोशिश की गई। जो कि बहुत ही गलत बात है।
जब तक पार्षद साथ कोई मेयर पद से नहीं हटा सकता
इस मीटिंग में मेयर ने कहा कि वह 37 पार्षद जीते थे। उनके साथी पार्षदों ने उन्हें मेयर बनाया। कांग्रेस के सूबा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने उन्हें पद से हटाने की बात कही थी। राजा वड़िंग उनके भाई हैं। वह कुछ भी बोल सकते हैं। असलियत यह है कि मेयर की कुर्सी पर उन्हें उस समय तक कोई नहीं उतार सकता, जब तक परिवार की तरह चट्टान बनकर साथ पार्षद उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी के पार्षद भी उनके संपर्क में हैं। अब उनके पार्षदों की संख्या 37 से 40 हो गई है।
डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि उन्होंने गत नगर निगम ने कांग्रेसी होते हुए आजाद ग्रुप के कुलवंत सिंह को मेयर का पद दिया था। कुछ समय बाद वह अकाली दल में शामिल हो गए थे। उन्होंने पांच साल के लिए मेयर को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि शहर का विकास किसी भी तरह की राजनीति से ऊपर है। किसी भी कीमत पर मौकापरस्त आम आदमी पार्टी को मौका नहीं दिया जा सकता। तीसरा ग्रुप कभी नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान को ग्राउंड जीरो का पता नहीं है। वह अपनी हाई कमान को पूरी जानकारी देंगे। साथ ही मेयर का समर्थन करेंगे।