फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुनिया में चल रही थी छंटनी, ऋषभ ने यूएस बेस्ड कंपनी में हासिल की नौकरी

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। किसी चीज को पाने की अगर आप ठान लें तो वो चीज आपको मिलकर ही रहेगी। भले ही उस चीज को पाने के लिए रास्ते में चाहे कितनी भी रुकावटें आ जाएं। लेकिन वो आपको आपके लक्ष्य हासिल करने से नहीं भटका सकेगी। इस बात को सिद्ध किया है बलटाना निवासी ऋषभ ने। जो कि कोरोना काल में एक नामी आईटी कंपनी में बतौर आईटी प्रोफेशनल कार्य करके अच्छा वेतन पा रहे हैं। ऋषभ ने बताया कि 12वीं पास करते ही उन्होंने ठान लिया था कि आगे चलकर वह एक बड़ी आईटी कंपनी में बतौर प्रोफेशनल बनकर काम करेंगे, जिसके चलते ऋषभ ने अपनी पढ़ाई की शुरूआत पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से की। यहां ऋषभ ने बीटेक की पढ़ाई में दाखिला लिया, जिसमें उन्होंने विषय कंप्यूटर साइंस को चुना।
विज्ञापन

आईआईटी से एमटेक की पढ़ाई की पूरी
पंजाब यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी होने के बाद ऋषभ ने मास्टर डिग्री के लिए उत्तराखंड के रुड़की स्थित आईआईटी में एमटेक की पढ़ाई की। आमतौर पर आईआईटी में दाखिला पाना किसी छात्र के लिए आसान नहीं होता, लेकिन ऋषभ ने अपने लक्ष्य को हासिल करने के दौरान आने वाली सभी परेशानियों का डटकर मुकाबला किया और पंजाब यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई में आए अच्छे नंबरों की बदौलत आईआईटी रुड़की में दाखिल हासिल करने में सफलता हासिल की। आईआईटी में पूरे 2 साल तक ऋषभ ने खूब मन लगाकर पढ़ाई की और जब नतीजे का दिन आया तो देश के साथ-साथ पूरी दुनिया कोरोना महामारी के चलते बंद हो गई। जुलाई 2020 में उसकी एमटेक की पढ़ाई पूरी हुई और जब नौकरी करने का समय आया तो मन में बस एक ही डर सता रहा था कि अब आगे नौकरी मिलेगी या नहीं।
हिम्मत नहीं हारी, बस लगा ही रहा नौकरी खोजने में
जुलाई, 2020 में हालात ऐसे थे कि हर कंपनी अपने पास काम करने वाले लोगों को निकालने में लगी हुई थी और जैसे-जैसे ऐसी खबरें सुनने को मिलती तो मन के अंदर बैठा डर बढ़ता ही जा रहा था। दूसरी ओर, मुझे ऐसे समय में अपने लिए नौकरी ढूंढनी थी, जब कंपनियां लोगों को निकालने का काम कर रही थी। लेकिन हार नहीं मानी और नौकरी को लेकर तलाश चलती ही रही और एक दिन अचानक बंगलुरु की एक यूएस बेस्ड कंपनी में चयन हो गया। ये सब तब हुआ, जब पूरी दुनिया के अंदर कोविड-19 को लेकर कंपनियां छंटनी कर रही थी। ऋषभ की उम्र अभी 25 वर्ष है और आगे चलकर वे इसी फील्ड में अपना करियर और बेहतर बनाना चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें