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लांडरां-बनूड रोड भूमि विवाद : रियल स्टेट कंपनी पर सोसाइटी की आधी जमीन खरीदकर उसे अन्य को बेचने का आरोप

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मोहाली। लांडरां-बनूड रोड स्थित बेहरामपुर गांव की एक हाउसिंग सोसाइटी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान, गमाडा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की है कि मनोहर एंड संस 19 कनाल 10 मरला जमीन का रास्ता रोक रही है। सोसाइटी ने कहा कि 2005 में उन्होंने एक आवासीय परियोजना के लिए 52 कनाल 14 मरला जमीन आवंटित की थी, लेकिन परियोजना लागू न हो पाने के कारण, सरकारी मंजूरी से जमीन बेचने का फैसला किया गया। 2014 में नियमों के अनुसार एक टेंडर जारी किया गया, जिसे मनोहर एंड संस ने स्वीकार कर लिया।
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मोहाली में हुए प्रेस कांफ्रेंस में कंपनी ने पहले चरण में 33 कनाल जमीन की रजिस्ट्री करवाई, जबकि समझौते के अनुसार, शेष 19 कनाल 10 मरला जमीन दो महीने के भीतर 20,000 प्रति गज की दर से खरीदनी थी, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हुई। समझौते में यह भी कहा गया था कि इस जमीन के लिए 40 फुट का रास्ता हमेशा बरकरार रहेगा। सोसाइटी के सदस्यों के अनुसार, 2015 में अदालत से स्टे मिलने के बावजूद, 2021 में कंपनी ने जुबली के नाम 33 कनाल जमीन की रजिस्ट्री कर दी। 2022 में शेष जमीन तक जाने वाले 40 फुट के रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया, जिस पर सोसायटी ने पुलिस में शिकायत और अदालत में अधिग्रहण का मामला दायर किया। सोसाइटी का आरोप है कि कंपनी ने अधिकारियों से मिलीभगत करके 33 कनाल जमीन के लिए धोखाधड़ी से सीएलयू और रेरा की मंजूरी हासिल कर ली, जबकि नियमानुसार सोसायटी की सहमति लेना अनिवार्य था। सोसायटी ने सीएलयू और रेरा नंबर रद्द करने की मांग की है। मनोहर एंड संस ने कहा कि उन्होंने नीलामी के अनुसार पूरी जमीन खरीद ली है और बाकी जमीन भी नीलामी दर पर खरीदने को तैयार हैं। लेकिन सोसाइटी ने अदालत में झूठे मुकदमे दायर किए, जिनमें से कुछ वापस ले लिए गए हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि उन्होंने सोसाइटी के सदस्यों से शेयरधारकों की सूची मांगी थी, जो उन्हें नहीं दी गई।
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