मोहाली। सेहत विभाग और बलौंगी पुलिस की टीम ने एक मिलावटी पनीर बेचने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह से 6 क्विंटल 80 किलो मिलावटी पनीर बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन आरोपियों की पहचान प्रवीन कुमार गांव सजूूमां थाना कलैत जिला कैथल और अंकुश निवासी शेरूखेड़ी थाना तीतराम जिला कैथल के रूप में हुई है। दोनों आरोपी हरियाणा से मिलावटी पनीर लाकर मोहाली के बड़माजरा में बेचते थे, और यहां से आगे सप्लाई होता था। जिला सेहत अधिकारी डॉ. सुभाष कुमार ने कहा कि मिलावटी पनीर के सैंपल जांच के लिए खरड़ लैब में भेजे गए हैं। वहां से रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पुलिस ने धोखाधड़ी एवं फूड सेफ्टी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
बलौंगी पुलिस को सूचना मिली थी कि हरियाणा से बड़माजरा में मिलावटी पनीर की सप्लाई हो रही है, जो कि आगे इलाके की दुकानों पर बेचा जाता है। इसके बाद तुरंत सेहत विभाग ने टीमों का गठन कर पुलिस के सहयोग से बड़माजरा में नाका लगाया गया। इस दौरान एक बौलेरो कैंपर को जांच के लिए रोका और उसकी तलाशी ली तो उसमें से 680 किलो पनीर बरामद हुआ। इसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बनती है। वहीं पूछताछ में बौलेरो चालक ने बताया कि वह यह पनीर हरियाणा से लेकर आया था। इसके बाद पूरे पनीर को सीज कर दिया गया और इसके सैंपल जांच के लिए खरड़ की लैब में भेज दिए। इसकी रिपोर्ट अगले 48 घंटों में आएगी। उसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि यह पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी बलौंगी थाने की पुलिस ने मिलावटी पनीर और अन्य दुग्ध उत्पाद बनाने वाली फैक्टरी का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने कई लोगों को कब्जे में लेकर फूड एंड सेफ्टी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
डॉ. सुभाष कुमार ने बताया कि जिला सेहत विभाग जिले के लोगों को खाने-पीने की साफ सुथरी और शुद्घ चीजें मुहैया करवाने के लिए पूूरी तरह से वचनबद्घ है। सेहत विभाग की टीमें लगातार चेकिंग करके मिलावटी चीजें बनाने वालों पर कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने दुकानदारों को हिदायत दी है कि जो दुकानदार नियमों को ताक पर रखकर मिलावटी सामान बेचते हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में फूड सेफ्टी स्टैंडर्स एंड रेगुलेशन एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। इसमें लाइसेंस रद्द करना और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
खाद्य पदार्थ बेचने के लिए पंजीकरण के लिए यहां करें संपर्क
डॉ. सुभाष कुमार ने कहा कि खाने पीने की चीजें बेचने वालोें को फूड सेफ्टी विभाग के पास पंजीकरण करवाना जरूरी है। जिन लोगों ने पंजीकरण नहीं करवाया है, वह फूड सेफ्टी विंग के दफ्तर से संपर्क करें। डॉ. सुभाष ने कहा कि जिले के विभिन्न स्थानों में फूड सेफ्टी वैन घूम रही है। जिनके माध्यम से जांच के लिए चीजों के सैंपल लिए जाते हैं। लोग दूध, घी या अन्य चीजों की जांच लैब से करवा सकते हैं।