नयागांव। जिला पुलिस ने अब नशा तस्करों को काबू करने के लिए योजना बनाकर अपना एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। इस काम में अब पुलिस के मददगार अपने ही इलाके के छोटे-छोटे बच्चे बनेंगे। इतना ही नहीं पुलिस ने इस छुटकू सेना को तैयार करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। स्कूलों में जाकर बच्चों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है। पुलिस की ओर से बच्चों को समझाया जा रहा है कि अगर वह कोई भी नशा बेचने वाला व्यक्ति इलाके में देखते हैं तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस के कंट्रोल रूम के फोन नंबर पर दें। इसके बाद पुलिस की ओर से मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों की मानें तो इसके सार्थक नतीजे सामने आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक जिला पुलिस की एजुकेशन सेल की ओर से समय-समय पर स्कूल के बच्चों को सेमिनार के जरिये नशे के खिलाफ शिक्षित किया जाता है। इलाके में बढ़ते नशे के मामलों पर लगाम कसने के लिए पुलिस अब बच्चों का सहारा ले रही है। पुलिस का मानना है कि छोटे बच्चे स्कूल समय के बाद गलियों में खेलते हैं। जिससे इलाके में होने वाली संदिग्ध गतिविधि पर छोटे बच्चे ज्यादा नजर रख सकते हैं। इतना ही नहीं बच्चों की ओर से दी जाने वाली सूचना भी बिल्कुल सही होती है। ऐसे में पुलिस को उम्मीद है कि नतीजे सार्थक होंगे। बच्चों को बताया जा रहा है कि इस तरह की कोई भी घटना आपके आसपास दिखाई देती है तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके सूचित करें।
दिल्ली से चलता है मोहाली में नशे का कारोबार
जिले में नशा तस्करी का काम बड़े स्तर पर चल रहा है। मोहाली में नशे का कारोबार हरियाणा और दिल्ली से जुड़ा हुआ है। पुलिस अब तक कई नाइजीरियन को नशा तस्करी के मामले में पकड़ चुकी है। रिमांड के दौरान इनसे पूछताछ में हर बार सामने आया है कि वह दिल्ली से नशे की खेप लेकर आते हैं और मोहाली के आसपास इसकी सप्लाई करते हैं। पिछले लॉकडाउन के दौरान मोहाली से तकरीबन दस नाइजीरियन को नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इनसे भारी मात्रा में नशा बरामद भी किया गया था। पिछले दिनों अदालत की ओर से एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई थी। बाकी के मामलों में भी सजा का ऐलान होने के बाद यह विदेशियों के लिए सबक रहेगा।
नशे की हो रही है होम डिलीवरी
इलाके में नशे की होम डिलीवरी हो रही है। सोशल मीडिया पर काफी धड़ल्ले से यह कारोबार चल रह है। पिछले कुछ समय में पुलिस ने कई नशा तस्कर पकड़े हैं जो कि इस काम में लगे हुए हैं। पुलिस का कहना है कि बड़ी रिहायशी सोसायटीज और बाजारों में यह काम चलता है। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी तरह का वाहन चलाते समय रास्ते में किसी अनजान को लिफ्ट न दें। क्योंकि हो सकता है उक्त व्यक्ति नशा तस्करी में शामिल हो।
बच्चों की सूचना होती है सही
स्कूली बच्चों को सेमिनार के जरिये नशा तस्करी करने वाले लोगों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। बच्चे गलियों में खेलते रहते हैं और बच्चों की नजर काफी तेज होती है। इस कारण वह संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। बच्चों को पुलिस के हेल्पलाइन नंबर की भी जानकारी दी जा रही है। पढ़ने वाले बच्चे नशा तस्करी को रोकने के मामले में काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
-जनकराज, इंचार्ज एजुकेशन सेल, मोहाली पुलिस