मोहाली। पंजाब इंटेलिजेंस के दफ्तर पर रॉकेट लांचर से अगर यह हमला दिन के समय होता तो कई लोगों की जान जा सकती थी। इस इमारत में पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों के दफ्तर हैं। साथ ही राज्यभर से लोग अपनी शिकायतों को लेकर चले रहते हैं। इतना ही नहीं इसके पास में ही एक निजी अस्पताल व शैक्षणिक संस्थान भी हैं।
ऐसे में पुलिस अधिकारी इस मामले की जांच कई एंगलों पर कर रहे हैं। क्या इस हमले का उद्देश्य मात्र दहशत फैलाना था या फिर नुकसान करना था। जानकारी के मुताबिक जिस सेक्टर-78 स्थित एरिया में यह इमारत स्थित है, वह काफी पॉश इलाका माना जाता है। इसके पास ही वरिष्ठ अधिकारियों और न्यायधीशों के निवास स्थान हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। इतना ही नहीं इस वजह से इलाके के लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। पुलिस वाले भी पहलू पर काम रहे हैं। हालांकि पुलिस अधिकारी दावा कर रहे है कि किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। इस वारदात के पीछे जो भी लोग होंगे, जल्दी ही वे पकड़े जा सकते हैं।
रॉकेट लांचर से हमले की सूचना के बाद मोहाली ही नहीं बल्कि ट्राइसिटी के अधिकारी हरकत में आ गए। एसएसपी चंडीगढ़ कुलदीप सिंह चहल, एसएसपी मोहाली विवकेशील सोनी ने मौके पर पहुंचकर सारे तथ्यों की पड़ताल की।
पहले बुड़ैल जेल व अब इंटेलिजेंस दफ्तर बनाया निशाना
चंडीगढ़-मोहाली बार्डर के पास बुड़ैल जेल के पीछे टिफिन बम मिलने से दहशत अभी दूर नहीं हुई थी कि अब दोबारा इस तरह तरह की घटना सामने आई है। हालांकि पुलिस ने उक्त मामले के बाद एहतियात के रूप में पूरे शहर के एंट्री प्वाइंट सील कर दिए थे। साथ ही बंकर तक बनाए गए थे। वहीं, अब इस तरह पुलिस की इमारत को निशाना बनाकर आरोपी खुली चुनौती पेश कर रहे हैं। इससे पहले दिन में राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से नशा तस्करी व सुरक्षा को लेकर बैठक की थी।