जीरकपुर। थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में अपनी ही पत्नियों का जबरन गर्भपात करवाने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पहले मामले में शिकायतकर्ता भूमिका निवासी फेज-11 मोहाली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी अशोक बिश्नोई से 10 अक्टूबर, 2016 में हुई थी और दो साल से वह फेज-11 मोहाली में रह रहे थे। उस समय वह पांच महीने की गर्भवती थी और अपने बच्चे को मोहाली में ही जन्म देना चाहती थी। लेकिन उसका पति इस बच्चे को रखना नहीं चाहता था और उस पर गर्भपात करवाने का दबाव बना रहा था, लेकिन वह हमेशा उसका विरोध करती थी। इस कारण वह उसके साथ लड़ाई झगड़ा करता था। 13 जून को पति उसको बच्चे को रखने के हक में कहकर और उसका चेकअप करवाने के बहाने एक निजी अस्पताल में ले गया। यहां डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगा दिया और वह बेहोश हो गई। जब होश आया तो उसे दर्द होने लगा और पता चला कि उसका गर्भपात करवा दिया गया है, जबकि वह 5 माह की गर्भवती थी। उसकी हालत और खराब हो गई। बाद में उसके पति ने उसे धमकाया और जबरदस्ती कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करवा लिए। इस मामले की जांच एसपी देहात कर रही थीं। इसके बाद पुलिस ने उसके पति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
दूसरा मामले में रुपिंदर कौर निवासी सैनी विहार, फेज-2 बलटाना ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी रणजीत सिंह भंगू से 8 फरवरी, 2020 को हुई थी। दहेज में उसके पिता ने आई-20 कार, 21 तोले सोना, फर्नीचर का सारा सामान दिया था। लेकिन कुछ दिनों बाद ही उसके ससुराल परिवार ने दहेज के कारण उसके साथ झगड़ा शुरू कर दिया। कुछ समय बाद वह गर्भवती हो गई। 19 अगस्त 2020 को उसके ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की और पेट में टांगे मारी। इसके बाद जब उसकी हालत खराब हुई तो चंडीगढ़ के सेक्टर-22 अस्पताल ले गए। यहां उसका गर्भपात हो गया। इसकी जांच डीएसपी जीरकपुर द्वारा की गई फिर जांच एसपी देहात के पास भेजी गई। पुलिस ने जांच के बाद रुपिंदर कौर के ससुराल परिवार के रणजीत सिंह, परमजीत कौर, तारा सिंह निवासी मकान नंबर-118 न्यू डिफेंस कॉलोनी जीरकपुर और ननद सतवंत कौर के बेटे अर्शदीप के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।