मोहाली। फेज-7 शहर के सबसे प्रमुख इलाकों में से एक है। यहां की मार्केट इलाके की शान मानी जाती है। इसके अलावा हलके के विधायक एवं पंजाब के सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्घू की रिहायश भी इसी एरिया में है। वहीं, इसी एनआरआई थाना और कई नामी संस्थान भी इस फेज की शान हैं। लेकिन यहां भी कुछ ऐसी समस्याएं हैं, जिसकी वजह से लोग परेशानी झेल रहे हैं। इनमें एक तो रिहायशी एरिया में पार्किंग की समस्या है। वहीं, कई पेड़ मकानों से ऊंचे हो गए हैैं। इनकी वजह से हादसे होने का डर हर समय बना रहता है। इसके अलावा इलाका चंडीगढ़ से सटा होने के कारण इसका अपराधी किस्म के लोग पूरा फायदा उठाते हैं। वह आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर आसानी से यहां से निकलकर चंडीगढ़ के इलाके में दौड़ जाते हैं।
इसके अलावा अगर मार्केट एरिया की बातें करें तो अवैध रेहड़ी-फड़ी वालों की वजह से लोग दिक्कत में हैं। इससे जहां कारोबारियों को भी नुकसान होता है, वहीं, मार्केटों की सुंदरता को ग्रहण लगता है। सीवरेज ओवरफ्लो और पानी की पाइपों में रिसाव की वजह से लोग परेशान हैं। छोटे मकानों में रहने वाले लोग नीड बेस्ड पॉलिसी की मांग काफी समय से करते आ रहे हैं।
सीवरेज ब्लॉकेज से दिक्कत
फेज-7 निवासी बालकरन सिंह भाटी बताते हैं कि मार्केट की बैक साइड में सीवरेज ब्लॉकेज की समस्या रहती है। जिससे गंदगी सड़कों पर फैलती है। वहीं, मार्केट में आने वाले समय रिहायशी एरिया के लोगों को दिक्कत उठानी पड़ती है। इसके अलावा लावारिस पशु और कुत्तों का इलाके में काफी कहर है। कई लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। इस समस्या को पहल के आधार पर हल किया जाना चाहिए।
रोजाना लगता है जाम
स्थानीय निवासी बलजिंदर सिंह बताते हैं कि स्कूटर मार्केट के पास अक्सर जाम की सबसे अधिक समस्या रहती है। ऐसे में दो मिनट के सफर को पांच से सात मिनट लग जाते हैं। वहीं, जो भी लोग मार्केट में शॉपिंग के लिए आते हैं, वह रोड पर ही गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। इस समस्या के हल के लिए पक्का हल किया जाना चाहिए। सुबह और शाम को ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी यहां जरूर लगाई जानी चाहिए।
चंडीगढ़ से सटा इलाका, सुरक्षा के इंतजाम जरूरी
स्थानीय निवासी परमिंदर शर्मा के मुताबिक यह फेज चंडीगढ़ से सटा है। लेकिन इसका जहां एक तरफ शहर के लोगों को फायदा मिलता है। वहीं, कुछ नुकसान भी है। जब भी इलाके में कोई आपराधिक वारदात होती हैं तो वारदात करने के बाद अपराधी सीधे चंडीगढ़ भाग जाते हैं। इतना ही नहीं कुछ ऐसे अवैध रास्ते लोगों ने बना लिए हैं, जिन्हें बंद किया जाना चाहिए। वहीं, इस इलाके को चंडीगढ़ की तर्ज पर संवारा जाना चाहिए।
पार्कों की नहीं हो रही उचित देखभाल
फेज-7 निवासी योगेश कुमार के मुताबिक इलाके के पार्कों की मेंटेनेंस उचित तरीके से नहीं हो रही। इसके अलावा कुछ इलाके में पेड़ों की ऊंचाई बहुत अधिक हो गई है। इस वजह से हादसों का डर बना रहता है। इन चीजों को प्रशासन की ओर से गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसके अलावा एरिया में पुलिस की गश्त होनी चाहिए। क्योंकि ज्यादातर एरिया में लोगों को दिक्कत आती है।
रेहड़ी-फड़ी और पार्किंग की समस्या
फेज-7 निवासी कुसुम ने बताया कि इलाके की लाइब्रेरी के आगे और फेज-7 के श्री गुरुद्वारा साहिब के पास रेहड़ी-फड़ी लगना शुरू हो गई। जिससे इलाके की सुंदरता पर ग्रहण लग रहा है। इसके अलावा रिहायशी एरिया में लोग फुटपाथ पर गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। जिससे लोगों को काफी दिक्कत आती है। इस समस्या को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। नगर निगम को इस दिशा में उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
फुट ओवरब्रिज पर दिया जाए ध्यान
स्थानीय निवासी महिंद्र सिंह ढिल्लों ने कहा कि इलाके में बने फुट ओवरब्रिज की उचित तरीके से सफाई आदि होनी चाहिए। यह नशेड़ी और गलत लोगों का अड्डा बनते जा रहे हैं। अगर लाखों रुपये खर्च कर यह बनाए गए हैं, तो लोगों को सड़कें पार करने के लिए इनका इस्तेमाल करना चाहिए। निगम को भी इनकों इस्तेमाल करने लायक बनाए रखना चाहिए। इसके अलावा चंडीगढ़ से सटे एरिया में ट्रैफिक लाइट की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे ऐसी चीजों को रोका जा सके।