कहा-जेल भेजने से दिमाग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, दोषियों को कुल 45 दिन की सुनाई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। चोरी के मामल में जिला अदालत ने दो दोषियों को अलग-अलग धाराओं में सजा व जुर्माना सुनाया है। दोषियों के वकील ने दलील दी है कि वे गरीब हैं और आदतन अपराधी नहीं हैं, यह उनका पहला अपराध है। वे अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले हैं, निवेदन है कि नरम रुख अपनाया जाए। इसके विपरीत सरकारी वकील ने तर्क दिया कि जिस अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है वे किसी नरमी के पात्र नहीं हैं। दोनों वकीलों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया कि दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा, खासकर इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जो यह दर्शाता हो कि ये आदतन अपराधी हैं। इन्हें जेल भेजने से उनके दिमाग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस प्रकार वर्तमान मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दोषी हरबंस सिंह और संदीप सिंह को आईपीसी की धारा 457, 411, 201 में 25 -25 दिन की सजा व 500 रुपये जुर्माना और धारा 380 में 20 दिन की सजा व 300 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं अलग-अलग काटनी होंगी। अदालत ने कहा कि जुर्माना अदा न करने पर सभी धाराओं में 25-25 दिन की सजा बढ़ा दी जाएगी।
शिकायतकर्ता सेक्टर- 71, मोहाली का रहने वाला है। वह मैक्स-एक्स नाम से रेडिमेड गारमेंट की दुकान चलाता है। 29 अप्रैल 2015 को रात करीब साढ़े 8 बजे वह दुकान बंद कर घर चला गया। इसके 30 अप्रैल 2015 को सुबह करीब 11 बजे जब वह वापस आया और दुकान खोली तो देखा कि दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे के तार निकाले हुए थे। उसका डीवीआर भी खुला था और उसकी हार्ड डिस्क गायब थी। दुकान में पड़ा सामान/रेडिमेड गारमेंट, परफ्यूम, तौलिए, इंटरनेट मोडेम, नकदी और हैंड बैग गायब थे। कोई व्यक्ति उपरोक्त सामान को बैग में डालकर चोरी कर ले गया था जो उसकी दुकान में पड़ा था। शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया था। जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ मोहाली अदालत में मामला विचाराधीन था।