मोहाली। भले ही गमाडा द्वारा शहर में भू-माफिया द्वारा बनाई जाने वाली अवैध कालोनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, परन्तु भू-माफिया से जुड़े लोग बसी कॉलोनियों में अवैध निर्माण कार्यों की गतिविधियों को अंजाम देते रहते हैं। ताजा मामला एरोसिटी के पॉश एरिया के ब्लॉक-ए में सामने आया है। यहां लोगों द्वारा गमाडा की मंजूरी बिना सड़कों पर गेट लगाने की कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा था लेकिन मामले की शिकायत के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध निर्माण को रुकवा दिया।
एरोसिटी के ब्लॉक-ए के रहने वाले कमलजीत सिंह ने बताया कि रविवार सुबह घर के बाहर कुछ लोगों ने लेबर की मदद से सड़क पर खुदाई शुरू कर दी और देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर बड़े-बड़े गड्ढे खोदकर इसमें बड़े-बड़े लोहे के पोल लगाने शुरू कर दिए। यह सब देख उन्होंने मामले संबंधी पूछताछ की तो पता चला कि कुछ लोगों ने मिलकर ब्लॉक के अंदरूनी रास्तों पर अलग-अलग गेट लगाने का फैसला ले लिया है और गमाडा की मंजूरी लिए बिना रविवार कार्रवाई को अंजाम देना शुरू कर दिया। कमलजीत ने पहले इसे लेकर विरोध जाहिर किया लेकिन जब लोग नहीं माने तो मामले की लिखित शिकायत सोहाना पुलिस थाने के साथ गमाडा के वरिष्ठ अधिकारियों को देकर कार्रवाई की मांग की।
दूसरी ओर, मामले की शिकायत मिलते ही रविवार को अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची, जिसने सबसे पहले ब्लॉक में चल रहे निर्माण कार्य को बंद करवाया। इसके बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी करते हुए गमाडा में उच्चाधिकारियों के समक्ष पेश होने के आदेश दिए।
एरोसिटी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ब्लॉक-ए के प्रधान विनोद शर्मा ने बताया कि ब्लॉक में कुछ लोग अपने निजी फायदों के लिए लोगों की सहमति लिए बिना अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इसकी एक उदाहरण ब्लॉक में गमाडा की मंजूरी बिना लगाए जाने वाले गेटों को लेकर की गई खुदाई है। उनकी ओर से पहले ही इस संबंधी शिकायत गमाडा के अधिकारियों को दर्ज करवा दी गई थी, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
क्या कहते हैं अधिकारी
उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ब्लॉक ए में गेटों को लेकर किए जा रहे निर्माण कार्यों को फिलहाल बंद करवा दिया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि लोगों ने इसके लिए अधिकारियों से मंजूरी नहीं ली। वहीं, मामले में कार्रवाई को अंजाम देने के बाद इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को सौंप दी है, जो आगामी कार्रवाई को अंजाम देंगे। -अवदीप सिंह, एसडीओ, इंफोर्समेंट विंग, गमाडा