मोहाली। कोरोना (कोविड-19) काल में जहां सेहत विभाग की टीमें दिन-रात महामारी से निपटने में जुटी हुई हैं। वहीं, अब सेहत विभाग के फूड सेफ्टी विंग के अधिकारियों के नाम पर कुछ लोग दुकानदारों, दूध विक्रेताओं व अन्य कारोबार से जुुड़े लोगों से सैंपल न भरने की स्थिति में रिश्वत तक की मांग कर हैं। इसकी सूचना मिलने पर सेहत विभाग हरकत में आ गया है।
जिला सेहत अफसर का कहना है कि कोई व्यक्ति पैसे या रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत जिला सेहत अफसर को दें। इसके लिए फोन पर भी सूचना दी जा सकती है। जिला सेहत अफसर सुभाष कुमार की तरफ से जिले के लोगों से इस संबंध में अपील की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के बारे में 98766 43047 नंबर पर सूचना दी जा सकती है।
जानकारी के मुताबिक इस तरह पैसे मांगने वाले लोगों संबंधी जानकारी सेहत विभाग तक पहुंची है। यह लोग कौन है, इनकी पहचान करना जरूरी है। क्योंकि ऐसे लोग देश व समाज दोनों के दुश्मन है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति ऐसे लोगों को पैसे या रिश्वत दे देता है तो पकड़े जाने पर वह भी बराबर का जिम्मेेदार होगा। उसे भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
खाने पीने का कारोबार करने वाले दुकानदारों को फूड सेफ्टी विंग से रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है। वहीं, इस काम के लिए सरकारी फीस के अलावा कोई पैसे नहीं लिए जाते हैं। अगर कोई मुलाजिम अधिक फीस मांगता है तो उनके पास शिकायत दी जा सकती है।
घटिया सामान बेचा तो रद्द होंगे लाइसेंस
जिला सेहत अफसर ने कहा कि फूड सेफ्टी स्टैंडर्स एंड रेगुलेशन एक्ट के तहत दुकानदारों, दूध विक्रेताओं या संबंधित व्यक्ति को मिलावट रहित व पौष्टिक चीजें बेचना जरूरी हैं। जो भी व्यक्ति इस कानून तो तोड़ता है, उस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मिठाई वाले दुकानदारों को साफ शब्दों में कहा है कि वह शुद्ध मिठाई ही बेचें। ऐसा न करने पर उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह खुद जागरूक हों और खाने पीने की चीजें खरीदने से इनकी पूरी पड़ताल करें।