खरड़ स्थित दर्पण सिटी में वीरवार को दिनदहाड़े फिरोजपुर निवासी इंद्रजीत की ताबड़तोड़ फायरिंग करके हत्या कर दी गई थी। इस केस को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पता चला है कि इरादा-ए-कत्ल के एक मामले को लेकर आरोपियों की इंद्रजीत से दुश्मनी हुई थी। वे काफी समय से उसकी हत्या करने की कोशिश कर रहे थे पर कामयाब नहीं हो पा रहे थे।
इंद्रजीत का कत्ल करने के लिए आखिर में उन्होंने उसके दो पुराने दोस्तों रोहित सेठी व अजय को अपनी प्लानिंग में शामिल कर लिया। ये दोनों वही दोस्त थे, जिनके पास इंद्रजीत आकर खरड़ में ठहरा हुआ था। उन्होंने ही उसकी मुखबरी उसके दुश्मनों तक की थी। एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने कहा कि इंद्रजीत के दो दोस्त रोहित सेठी व अजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
उन्होंने सारी बात कबूल ली है जबकि पांच अन्य आरोपियों भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष, हैप्पी भुल्लर, हैप्पी मल व मनी की तलाश में पुलिस टीमों की छापेमारी जारी है। आरोपियों पर पहले भी कई केस दर्ज हैं। वे कई पुराने मामलों में भगोड़े चल रहे हैं। खरड़ पुलिस ने आज रोहित व अजय को गिरफ्तार करके खरड़ अदालत मे पेश किया तो जज ने दोनों आरोपियों को पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड में भेजने के आदेश दिए।
हत्या के लिए शॉपिंग के बहाने बुलाया था खरड़
जानकारी के मुताबिक जब आरोपी इंद्रजीत की हत्या में सफल नहीं हो पाए तो उन्होंने उसके स्कूल टाइम के दोस्तों को अपनी प्लानिंग में शामिल कर लिया। इसके बाद पूरी प्लानिंग के तहत उसके दोस्तों ने उसे चंडीगढ़ में शॉपिंग के लिए बुलाया था। वह पांच नवंबर को आया था। उसके साथ ही आरोपी भी शहर में आ गए थे। जैसे ही वे इंद्रजीत के साथ कमरे से निकले तो उन्होंने उसकी सारी सूचना कातिलों तक पहुंचा दी। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।
आरोपियों के बयानों और इंद्रजीत के मोबाइल ने खोली पोल
इंद्रजीत के साथियों का कहना था कि जो आरोपी हत्या करने आए थे, उन्होंने इंद्रजीत को ही निशाना बनाया जबकि उन्हें कुछ नहीं कहा। यह बात पुलिस के गले से नहीं उतर रही थी क्योंकि तीनों एक बाइक पर सवार थे। इंद्रजीत सेंटर में बैठा हुआ था, ऐसे में उन दोनों को एक भी गोली क्यों नहीं लगी, यह बात शक के घेरे में थी।
इसी तरह आरोपियों का कहना था कि हमलावरों की कार सफेद रंग की थी और उसका नंबर नहीं था। वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी ने स्विफ्ट कार की बात कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि इंद्रजीत घर से निकलते समय किसी से फोन पर बात कर रहा था जिसे वह पाजी कह रहा था। पुसिल को इंद्रजीत का मोबाइल मिल गया और उससे सारा राज खुल गया।