मोहाली। पचास हजार रुपये रिश्वत लेने से जुड़े मामले में अदालत ने एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) गुरविंदरजीत सिंह को दोषी ठहराते हुए चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही बीस हजार रुपये जुर्माना लगया है। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में चार महीने और जेल में बिताने पड़ेंगे। विजिलेंस ने दोषी का उस समय गिरफ्तार किया था जब वह फरीदकोट के एसपी (डी) का रीडर था। इस मामले में सरकारी पक्ष की तरफ से पैरवी मनजीत सिंह ने की।
2018 में विजिलेंस को प्रदीप कुमार सचदेवा ने शिकायत दी थी। उन्होंने शिकायत में बताया था कि पत्नी, बेटे और उन पर एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया था। उन्होंने खुद व अपने परिवार के इस मामले में बेगुनाह होने संबंधी सबूत आईजी व डीआईजी को सौंपे थे। उन्होंने उनके केस को एसपी (डी) फरीदकोट सेवा सिंह को मार्क किया था। उन्होंने एसपी (डी) को भी अपने बेगुनाह होने संबंधी दस्तावेज सौंपकर अपना पक्ष उनके सामने रखा।
इसके बाद उन्हें एसपी के रीडर गुरविंदर सिंह का फोन आया। वह उनसे मिलने के लिए चले गए। रीडर ने कहा कि यदि इस केस में पत्नी और बेटे को बचाना चाहते हैं तो इसके लिए पैसे खर्च करने पड़ेंगे। एसपी को एक लाख रुपये व उसे पच्चीस हजार रुपये अलग से देने होंगे। उन्होंने रीडर को बताया कि वह इतने पैसे खर्च करने में सक्षम नहीं है। आखिर में दोनों पक्षों में समझौता एक लाख रुपये में तय हो गया। वह इसके बाद अपने घर पहुंचा और परिवारिक सदस्यों को सारी बात बताई। परिवार वालों का कहना था कि इतने पैसे खर्च क्यों करने हैं। इसके बाद उन्होंने पैसे न देने का फैसला लिया। साथ ही इस मामले में विजिलेंस को शिकायत दी। इसके बाद विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर आरोपी को पच्चीस हजार रुपये रिश्वत लेते काबू कर लिया। इसके बाद अदालत ने फैसला सुनाया है।