मोहाली। कोरोना के बढ़ते प्रकोप ने मजदूर वर्ग की चिंता फिर से बढ़ा दी है। अन्य राज्यों से रोजीरोटी की तलाश में शहर में आए प्रवासियों ने फिर से पलायन शुरू कर दिया है। इनमें उत्तर प्रदेश के मजदूरों की संख्या ज्यादा है। इसके पीछे मोहाली में कोरोना के कहर के साथ-साथ यूपी में हो रहे पंचायत चुनावों में मतदान का लालच भी अहम कारण माना जा रहा है। प्रवासियों की घर वापसी की चाह का निजी बसों के मालिक जमकर फायदा उठा रहे हैं। उधर, प्रवासियों के पलायन से उद्योगों को भी कामगारों की कमी का डर फिर से सता रहा है।
मोहाली में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें फिर से लॉकडाउन का डर सता रहा है और पिछले साल पलायन कर गए जो प्रवासी लौट आए थे, इन्होंने अब फिर पलायन शुरू कर दिया है। उद्योगपतियों का कहना है कि ज्यादातर मजदूर चुनावों के कारण ही छुट्टी लेकर अपने घरों को लौट रहे हैं। अगर कोरोना के मामले इसी तरह बढ़ते रहे तो प्रवासियों को वापस जल्द लौटना मुश्किल होगा। मोहाली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान योगेश सागर ने कहा कि मोहाली के उद्योग 80-90 प्रतिशत प्रवासियों के साथ काम कर रहे हैं। अब घर लौटने वाले प्रवासियों की संख्या बढ़ती है तो कामगारों की कमी का सामना करना पड़ेगा। एयरपोर्ट रोड, फेज-6 व फेज-1 इंडस्ट्रियल एरिया में इन दिनों मजदूरों को घर लौटने के लिए बसों का इंतजार करते देखा जा सकता है। इनमें से ज्यादातर का कहना है कि पिछले साल लॉकडाउन लगने के कारण वे लोग यहीं पर फंस गए थे। कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण सरकार फिर से लॉकडाउन न लगा दे, इसलिए वह पहले ही घरों को लौट रहे हैं।
वहीं निजी बसों के मालिक भी प्रवासियों की घर वापसी का जमकर फायदा उठा रहे हैं। फेज-1, फेज 6 और इंडस्ट्रियल एरिया सहित ऐसी जगहों पर जहां अन्य राज्यों से आए लोग ज्यादा संख्या में रहते हैं, वहां पर निजी बसों के मालिकों ने बसों की बुकिंग के लिए किराये के पोस्टर भी लगा दिए हैं।