‘सेहतमंत्री का जिला मोहाली कोरोना से जंग में नहीं सक्षम’
क्रासर - कोरोना की स्थिति का आंकलन करने पहुंची तीन सदस्यों की केंद्र की टीम ने किया खुलासा
रिपोर्ट में कहा- गंभीर रोगियों के लिए नहीं कोई इंतजाम, कंटेनमेंट जोन भी कागजों तक सीमित
माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। पंजाब के सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू का जिला मोहाली कोरोना महामारी से निपटने में पूरी तरह सक्षम नहीं है। जिले में प्रशासन की ओर से दी जा रही सुविधाओं में कई स्तर पर खामियां हैं। इस वजह से अगर भविष्य में स्थिति बिगड़ती है तो लोग मुश्किल में आ सकते हैं। कुछ दिन पहले कोरोना की स्थिति का आंकलन करने पहुंची केंद्र की टीम ने अपनी रिपोर्ट में इसका जिक्र किया है। दूसरी ओर जिला प्रशासन ने मोहाली के गंभीर मरीजों को चंडीगढ़ में बढ़िया इलाज मिल पाए, इस मामले को प्रधानमंत्री के सामने उठाया है। वहां से अभी जवाब का इंतजार है।
जानकारी के मुताबिक केंद्र की तीन सदस्यों की टीम पांच दिन के लिए शहर में थी। इतना ही नहीं कुराली समेत कई नामी अस्पतालों में टीम के साथ सेहत मंत्री खुद भी गए थे। टीम की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि वेंटिलेटर की आवश्यकता वाले गंभीर रोगियों के लिए कोई सरकारी सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। सभी गंभीर रोगियों को पटियाला भेजा जा रहा है। जबकि निजी अस्पताल में वेंटिलेंटर की सुविधा है, लेकिन वहां पर जगह की कमी है। टीम का यहां तक कहना है कि महामारी से निपटने के लिए कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। वह भी सिर्फ कागजों में ही हैं और असल में स्थिति इससे अलग है। वहीं, मुलाजिमों की कमी के चलते कोरोना को रोकने संबंधी कांटेक्ट ट्रेसिंग कार्यक्रम में भी कमी आ रही है। इतना ही नहीं टीम ने कोविड के मरीजों के इलाज को लेकर मोहाली जिला प्रशासन और चंडीगढ़ प्रशासन में उचित तालमेल किया है।
प्रशासन का दावा... इंतजाम पूरे हैं और जवाब भेजा दिया
इस मामले में मोहाली के डीसी गिरीश दियालन ने कहा कि केंद्र के सदस्यों की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में जिन मुद्दों को उठाया गया था, उनका जवाब भेज दिया गया है। जहां तक गंभीर मरीजों की सुविधा का संबंध है। मोहाली सिविल अस्पताल अभी तक निर्माणाधीन है। वहीं, ऐसे केसों को जिला प्रशासन की तरफ से पटियाला भेजा जाता है। इसका पूरा काम एक योजना के तहत किया जाता है। इसके अलावा जिले के सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि कोविड की देखभाल के लिए बिस्तरों की क्षमता बढ़ाई जाए। साथ ही इलेक्टिव सर्जरी को रोकने का आदेश दे दिया है। यहां तक कि गंभीर मरीजों के इलाज को लेकर पूरी सावधानी बरती जा रही है।
ऐसे बढ़ा था कोविड के मरीजों का आंकड़ा
करीब एक महीने में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले करीब 33 दिन में करीब 12500 नए केस आए हैं। वहीं, 100 से अधिक लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। कोरोना से मौत के मामले में मोहाली ट्राइसिटी में टॉप पर चल रहा है। संक्रमित हुए मरीजों में 70 फीसदी मोहाली शहर के हैं। इतना ही नहीं अप्रैल में 1200 से अधिक मामले अकेले जीरकपुर के ढकोली क्षेत्र से आए हैं।