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बच्चों का भविष्य संवारने को बुजुर्ग तैयार, सरकार की मंजूरी का इंतजार

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मोहाली। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भविष्य संवारने के लिए बुजुर्गों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने निशुल्क शिक्षा देने का फैसला किया है। यह बात सुनने में थोड़ी अजीब जरूर लग रही है लेकिन सच है। सरकारी विभागों से रिटायर बुजुर्गों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखा है कि वह शिक्षा में सुधार लाने के लिये स्कूलों में निशुल्क में अपनी सेवाएं देना चाहते हैं। वह जिन स्कूलों में टीचर नहीं है वहां मैथ, इंग्लिश और साइंस विषय पढ़ाकर विद्यार्थियों की पकड़ मजबूत बनाना चाहते हैं। सरकार अनुमति देती है तो वह बच्चों को पढ़ाने के लिये तैयार हैं।
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प्रदेश सरकार शिक्षा का स्तर उठाने के लिये कई तरह के प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में जहां दिल्ली सरकार के साथ एक शिक्षा प्रोग्राम बनाया है। वहीं, स्कूलों में जरूरत का सामान मुहैया करवाने में समाज सेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जा रहा है। इसी कड़ी में अब बुजुर्गों ने भी कदम आगे बढ़ाए हैैं। जोकि विभिन्न सरकारी विभागों से रिटायर हैं। उनकी इंग्लिश, मैथ और साइंस पर अच्छी पकड़ है।
दीपक शर्मा ने बताया कि वह रक्षा मंत्रालय से सेवानिवृत्त हुए हैं। इंग्लिश, साइंस और मैथ में अच्छी पकड़ है। उन्होंने सरकार को पत्र भी लिखा है कि वह शिक्षा विभाग में फ्री सेवाएं देना चाहते हैं। उनके कई साथी भी इस तरह के हैं। उन्हें उम्मीद है कि इससे विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा कई इलाकों की सीनियर सिटीजन एसोसिएशन ने भी सरकार को अपने सुझाव भेजे हैं।
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लोकल हीरो से सिखाएंगे नेतृत्व का गुण
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के स्तर को उठाने और उनमें लीडरशिप के गुण पैदा करने की दिशा में शिक्षा विभाग काम कर रहा है। कुछ समय पहले विभाग ने सभी स्कूलों को आदेेेश दिए थे कि वह प्रमुख हस्तियों को स्कूलों में बुलाएं। उनके तजुर्बे विद्यार्थियों के साथ साझा करें। इससे विद्यार्थियों को सीखने के नए अवसर मिलेंगे। वहीं, इस दौरान वह ऐसी चीजें सीखेंगे जो भविष्य में काफी फायदेमंद साबित होंगी।
हर बच्चे के हाथ में होगी किताब
सरकारी स्कूलों में अब निजी स्कूलों की तरह लाइब्रेरी स्थापित की गई है। हजारों रुपये की किताबें प्रत्येक स्कूल की लाइब्रेरी में पड़ी हुई हैं लेकिन उनका प्रयोग नहीं हो रहा है। इस बार गर्मी की छुट्टियों में उक्त किताबों का बच्चे प्रयोग करेंगे। शिक्षा विभाग ने गर्मी की छुट्टियों में प्रत्येक छात्र को किताबें देने का आदेश दिया है, ताकि वह घर में जाकर किताब पढ़ सकें। साथ ही उनकी किताबों से दोस्ती बनी रही। उम्मीद है कि इससे छात्रों को फायदा होगा। उनमें पढ़ने की आदत बनेगी।
पूर्व कैप्टन मनोज पांडेय ने लिखा सीएम को पत्र
इस संबंधी सीएम भगवंत मान को पत्र लिखने वाले कैप्टन मनोज पांडेय ने बताया कि वह सेना से सेवानिवृत्त हैैं। वह चाहते हैं कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को कुछ समय के लिए पढ़ाएं या फिर जरूरतमंद बच्चों को उनके इलाके में ही जाकर पढ़ाने की कोशिश करें ताकि उनके कॅरिअर को नई दिशा दे पाए।
पुलिस से सेवानिवृत्त होकर मोहल्ले के बच्चों को फ्री में पढ़ा रहीं पुष्पा
पुष्पा चौधरी ने बताया कि वह पुलिस से सेवानिवृत्त हुई है। बच्चे विदेश में रहते हैं। ऐसे में वह खरड़ में अपने मोहल्ले के बच्चों को फ्री में शिक्षा देती है। अब तक वह कई संस्थाओं को किताबें व अन्य सामग्री दे चुकी है।
कोट्स
शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। सेवानिवृत्त बुुजुर्गों ने स्कूलों में सेवाएं देने के लिए जिला शिक्षा विभाग को पत्र नहीं लिखा है। हो सकता है कि उन्होंने सरकार को लिखा हो। अगर ऐसा कोई भी पत्र आएगा तो शिक्षा विभाग द्वारा इस पर बनती कार्रवाई की जाएगी। -सुशील नाथ, डीईओ सेकेंडरी
स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारा जाएगा। इस संबंध में लोगों द्वारा भेजे जा रहे सुझावों पर भी विचार किया जाएगा। वह कई स्कूलों का दौरा कर चुुुके हैं। -गुरमीत सिंह मीत हेयर, शिक्षा मंत्री
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