मोहाली। कोविड काल में स्वच्छ भारत मुहिम के तहत चलाए जा रहे ‘कायाकल्प’ कार्यक्रम में जिला सेहत अस्पताल मोहाली और आठ अन्य सेहत केंद्रों का शानदार प्रदर्शन रहा है। मोहाली सिविल अस्पताल ने पूरे राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है, जबकि आठ अन्य सेहत क्रेंद्रों की रैंकिंग टॉप-20 में शामिल है।
सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर ने जिले के प्रदर्शन पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि सेहत क्रेंदों/संस्थाओं को इसी तरीके से अपना प्रदर्शन आगे भी करना होगा। यह पहला मौका है जब इस तरह सेहत संस्थाओं ने प्रदर्शन किया है।
जानकारी के मुताबिक ‘कायाकल्प’ कार्यक्रम के तहत सेहत क्रेंदों/संस्थाओं को कई पैमानों पर आंका गया है। इसमें साफ-सफाई, मरीजों के बैठने के लिए प्रबंध, सजावट, स्टाफ की ड्रेस, पीने वाला पानी, मरीज के लिए डॉक्टरी सुविधाएं, अस्पताल में अच्छा वातावरण आदि शामिल हैं। सभी पैमानों पर अस्पताल ने 100 में से 80.2 फीसदी अंक हासिल किए हैं। प्राथमिक सेहत केंद्र बूथगढ़ 81 फीसदी अंकों के साथ जिले में पहले और पंजाब में 8वें स्थान पर रहा है। खरड़ सब डिवीजनल अस्पताल 81.1 फीसदी अंकों के साथ पंजाब में 10वें और सब डिवीजन अस्पताल डेराबस्सी 76.3 अंकों के साथ 17वें स्थान पर रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की श्रेणी में लालड़ू और ढकोली अस्पताल 77.30 फीसदी अंक हासिल करके पंजाब में 34वें स्थान पर रहे हैं।
इसी तरह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की श्रेणी में मजात और मुल्लांपुर गरीबदास के सेहत केंद्र ने पंजाब में क्रमवार चौथा और 11वां स्थान हासिल किया है। हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र सनेटा को 74 फीसदी अंकों के साथ पंजाब में चौथा स्थान मिला है।
कोरोना काल की मुश्किल घड़ी में हासिल की यह सफलता
सिविल सर्जन डॉ. आदर्श पाल कौर ने इस उपलब्धि के लिए डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. दलजीत सिंह परदेसी, जिला परिवार भलाई अधिकारी डॉ. निधि, एसएमओ डॉ. विजय भगत, डॉ. एचएस चीमा, डॉ. संगीता जैन, डॉ. मनोहर सिंह, डॉ. पॉमी चतरथ, डॉ. जसकिरनदीप कौर, डॉ. नवीन कौशिक, डॉ. सुरिंदरपाल कौर डॉ. बबनदीप कौर और अरुण बंसल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब कायाकल्प कार्यक्रम के तहत चेंकिंग चल रही थी, उस समय पूरा स्टाफ कोविड से जंग लड़ रहा था। ऐसे मुश्किल समय में यह प्रदर्शन बहुत बढ़िया है। इससे सभी को एक नई प्रेरणा मिलेगी।
सेहतमंत्री की लोकल राजनीति के लिए यह सफलता बनी है ऑक्सीजन
जानकारी के मुताबिक मोहाली को यह रैंकिंग मिलने से सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू की लोकल राजनीति के लिए ऑक्सीजन का काम करेगी। विपक्ष हमेशा जिले की खस्ताहाल सरकारी सेहत सुविधाओं को लेकर उनको घेरता रहा है। ऐसे में सेहत सुविधाओं के लिए यह रैंकिंग मिलने से कम से कम कुछ समय के लिए विपक्ष का मुंह बंद रहेगा। दूसरा आगामी विधानसभा चुनाव में इस सफलता का क्रेडिट सेहत मंत्री को ही मिलेगा।