फ्लाईओवर के नीचे पड़ी गंदगी, जीरकपुर की खूबसूरती काे लगा रही ग्रहण
सौंदर्यीकरण के लिए खर्चे जा चुके हैं करोड़ों रुपये, ऐसा ही रहा तो पानी में बहेगा पैसा
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। जीरकपुर फ्लाईओवर के सौंदर्यीकरण को लेकर लंबे समय से राजनीति की जा रही थी और हरेक राजनीतिक पार्टी श्रेय लेने के लिए उतावली थी। जबकि फ्लाईओवर को सुंदर बनाने की जिम्मेदारी एनएचएआई की थी। अब जब फ्लाईओवर का काफी हिस्से में सौंदर्यीकरण कर दिया गया है और करोड़ों रुपये लग चुके हैं और अब इसकी देखभाल नहीं की जा रही है। जिस इलाके में सौंदर्यीकरण किया गया है उस हिस्से में कहीं टाइल्स दब गई हैं और कहीं-कहीं पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
इस संबंधी स्थानीय दुकानदारों जसमीत, तृप्ति, संदीप सिंह, जतिंदर यादव, सुरेश यादव, कृष्ण कुमार, नसीम ने बताया कि फ्लाईओवर के नीचे पटियाला लाइट प्वाइंट से लेकर जेपी अस्पताल तक ही सौंदर्यीकरण किया गया है। लेकिन उसकी भी हालात अब खराब हो चुकी है। लोगों ने बताया कि फ्लाईओवर के नीचे पार्क बनाया गया था और पौधे लगाए गए थे। इनमें से ज्यादातर गायब हो चुके हैं। लोगों के सैर करने के लिए इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाकर ट्रेक बनाया गया था। लेकिन उसकी टाइल्स भी उखड़नी शुरू हो गई है। वहीं रात में अंधेरा दूर करने के लिए फेंसी लाइट लगाई गई थी वह भी चोरी हो गई है और कई जगह से ग्रिल भी टूट चुकी है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि करोड़ों रुपये लगा तो दिए लेकिन अब इसकी संभाल कि जिम्मेवारी किस की है ऐसे तो सरकार के करोड़ों रुपये बर्बाद हो जाएंगे। इस तरफ एनएचएआई या नगर काउंसिल को ध्यान देना चाहिए।
जितना सौंदर्यीकरण हुआ उसे बचा लो
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले तो हरेक नेता आ जाता था कि यह काम हम करवाएंगे, लेकिन अब कोई उसकी देखभाल नही कर रहा है। लोगों ने बताया कि यह एनएचएआई करीब तीन किलोमीटर का है, लेकिन केवल एक किलोमीटर एरिया में सौंदर्यीकरण किया है। बाकी हिस्सा तो गंदगी से भरा हुआ है। जगह-जगह गंदगी से नाली ब्लॉक हो चुकी है और हर तरफ कूड़ा ही कूड़ा नजर आता है। कुछ पथर तो ऐसे है जो काफी समय से पड़े हैं जिन्हें हटाया ही नही गया। फ्लाईओवर के नीचे बनाई गई पार्क में गंदगी और कूड़ा पड़ा है। पिलरों पर शौचालय किया जा रहा है। कोई देखने वाला नही है। लोगों ने बताया कि पटियाला चौक पर करोड़ों रुपये से पिलरों पर पेंटिंग की गई है, अगर इसकी देखरेख नहीं की गई तो वह भी खराब कर दिए जाएंगे। जिसे लेकर लोगों ने गुहार लगाई है कि उसी देखरेख का जिम्मा लिया जाए और जितना सौंदर्यीकरण हुआ है कम से कम उसे तो बचा लिया जाए।
यह कहना है लोगों का
मेरी यहां पैट शॉप है, थोड़े से हिस्से में काम किया है। जबकि पूरे फ्लाईओवर के नीचे सौंदर्यीकरण होना चाहिए था। मैं किसी काम से दिल्ली और बेंगलुरु गया था तो वहां फ्लाईओवर के नीचे बेहद खूबसूरत पार्क बनाए हुए थे। अगर वहां पार्क बन सकते हैं तो यहां क्यों नहीं बनाए जा सकते। सरकार या नगर काउंसिल जो भी जिम्मेवार है, उसे इस ओर ध्यान देना चाहिए। अगर सौंदर्यीकरण नहीं कर सकते तो यहां दुकानदारों के लिए पार्किंग ही बना दो, क्योंकि शहर में पार्किंग कि बहुत ज्यादा समस्या है। कम से कम लोगों को कोई तो फायदा हो।
-जसमीत सिंह, दुकानदार जीरकपुर।
लोगों को गंदगी फैलाने से रोका जाए
फ्लाईओवर के किनारे हमारी मोबाइल की दुकान है। इसके नीचे लोग बेहद गंदगी डाल रहे हैं। फ्लाईओवर के नीचे ही शौच करने लगते हैं, या यहां शौचालय बना दिया जाए। अगर ऐसा नहीं कर सकते तो कम से कम लोगों को इस फ्लाईओवर के नीचे गंदगी फैलाने से रोका जाए। भले ही थोड़ा हिस्सा सुंदर बनाया है, कम से कम उसे ही संभाल लिया जाए। -तृप्ति, स्थानीय दुकानदार जीरकपुर।
कोट्स
हमने पहले भी यहां पर स्ट्रीट लाइट, पौधे और फूल लगाए थे। लेकिन चोरी होने के कारण हमने दोबारा नहीं लगाए। हम नगर काउंसिल से बात कर रहे हैं कि वह फ्लाईओवर की देखरेख की जिम्मेदारी ले लें ताकि यहां किए गए सौंदर्यीकरण को बचाया जा सके। -प्रदीप अत्री, प्रोजेक्ट हेड एनएचएआई, मोहाली।